जयपुर: सावन के पवित्र महीने की शुरुआत के साथ ही प्रदेश भर में शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। यात्रा के दौरान शांति, सुरक्षा, ट्रैफिक और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस विभाग ने कड़े दिशानिर्देश (Guidelines) जारी किए हैं।
नए नियमों के अनुसार, कांवड़ यात्री अपने साथ किसी भी प्रकार के हथियार जैसे हॉकी, डंडे, त्रिशूल, बेसबॉल बैट आदि नहीं ले जा सकेंगे। इसके साथ ही, सुरक्षा के दृष्टिकोण से सभी कांवड़ यात्रियों को अपना वैध पहचान पत्र (ID Proof) साथ रखना अनिवार्य होगा।
पुलिस प्रशासन ने ध्वनि प्रदूषण और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सख्त हिदायत दी है:
डीजे पर नकेल: ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रॉली या अन्य वाहनों पर अत्यधिक तेज आवाज में डीजे बजाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। निर्धारित सीमा से अधिक तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम का इस्तेमाल करने पर गाड़ियों और साउंड सिस्टम पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रूट का पालन: कांवड़ यात्रियों को पुलिस द्वारा तय किए गए निर्धारित रूट पर ही यात्रा निकालने की अनुमति होगी। मार्ग में किसी भी प्रकार का भटकाव या अनाधिकृत रूट का प्रयोग वर्जित रहेगा।
डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के निर्देशों के बाद एडीजी (कानून-व्यवस्था) वी.के. सिंह ने राज्य के सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था और क्राउड मैनेजमेंट को लेकर अलर्ट जारी किया है:
4.5 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं का अनुमान: एडीजी वी.के. सिंह ने बताया कि पिछले साल करीब 4.5 करोड़ कांवड़ यात्रियों की आवाजाही दर्ज की गई थी, जिसे देखते हुए इस बार भी हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर लौटने वाले श्रद्धालुओं की भारी संख्या रहने की संभावना है।
11 अगस्त तक रवानगी: श्रद्धालु 11 अगस्त (सावन शिवरात्रि) तक गंगाजल लेकर अपने गंतव्य स्थानों की ओर प्रस्थान करेंगे।
जयपुर (पूर्व) डीसीपी करण शर्मा ने बताया कि राजधानी जयपुर में कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं:
मांस-मदिरा और नॉन-वेज दुकानों पर निर्देश: कांवड़ मार्ग पर आने वाले व्यापारियों और विशेषकर नॉन-वेज कारोबारियों को साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने, कचरा-अपशिष्ट केवल निर्धारित स्थानों पर ही फेंकने और दुकानों के संचालन का समय सीमाबद्ध करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी प्रकार का विवाद न हो।
सुरक्षा व्यवस्था: जयपुर के प्रसिद्ध गलता तीर्थ सहित सभी प्रमुख कांवड़ मार्गों और मंदिरों पर 24 घंटे पुलिस बल तैनात रहेगा।
साइबर सेल की नजर: सोशल मीडिया के जरिए किसी भी प्रकार की धार्मिक सद्भाव बिगाड़ने वाली अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस की साइबर सेल कड़ी निगरानी रख रही है।