रामनवमी पर जयपुर के आराध्य श्री गोविंददेवजी मंदिर में भी ठाकुर श्रीजी का भव्य श्रृंगार किया गया। ठाकुरजी को नवीन केसरिया लप्पा जामा की राजसी पोशाक धारण करवाई गई।
जयपुर के चांदपोल बाजार स्थित श्रीरामचंद्रजी मंदिर में सुबह 6 बजे मंगला आरती के साथ कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। भगवान को रत्न और सोने-चांदी के गहने पहनाए गए। भगवान वेंकटेश्वर मंदिर की परंपरा से प्रेरित होकर पहली बार भगवान रामचंद्रजी को सोने-चांदी से बनी चरण पादुका पहनाई गई।
दोपहर 12 बजे जन्माभिषेक के दौरान 500 किलो से ज्यादा दूध में इत्र, गुलाब, केसर और केवड़ा मिलाकर भगवान को स्नान कराया गया। सवाई माधोपुर में मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने श्रीराम दरबार की आरती कर शोभायात्रा का शुभारंभ किया।
वहीं जोधपुर में भी झांकियां सजाकर शोभायात्रा निकाली गई। जैसलमेर में फूलों की वर्षा कर शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया। शोभायात्रा में लव जिहाद की झांकी सजाई गई।
बांसवाड़ा शहर के पीपली चौक स्थित रघुनाथ मंदिर और आजाद चौक स्थित रूप चतुर्भुज राय मंदिर में गुरुवार को भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव मनाया गया। रघुनाथ मंदिर में पिछले 9 दिनों से चल रहे रामायण पारायण पाठ का समापन हुआ। इस अवसर पर भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता का आकर्षक श्रृंगार किया गया।
पंडित जयंतीलाल जोशी और गुप्ता परिवार ने भगवान की महाआरती उतारी। पंच पीपली चौक अध्यक्ष नितिन शाह ने बताया कि जन्मोत्सव के दौरान भगवान को 56 भोग लगाए गए। इसी तरह चतुर्भुज राय मंदिर में भी श्रीराम जन्मोत्सव पर महाआरती की गई। पंच नेमा समाज के अध्यक्ष निमेष मेहता ने बताया- मानस मंडल के सानिध्य में 9 दिवसीय रामायण पाठ की पूर्णाहूति भी दी गई।