भैराणा धाम लगभग 500 साल पुराना प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, जो दादू दयाल महाराज की धरोहर से जुड़ा है।
विरोध का कारण: धाम के पास सरकार द्वारा औद्योगिक क्षेत्र प्रस्तावित किया गया है, जिसका साधु-संत और स्थानीय लोग कड़ा विरोध कर रहे हैं।
अमर भहड़ा का समर्थन: राजस्थान के 'ट्री मैन' के नाम से मशहूर अमर भहड़ा ने भी इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए इसे तुरंत निरस्त करने की मांग की है।
भैराणा धाम के व्यवस्थापक राम रत्न दास स्वामी ने बताया कि आंदोलन के दौरान सरकार की ओर से संपर्क किया गया था।
आश्वासन: स्वामी के अनुसार, डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा ने मौके पर पहुंचकर आश्वासन दिया था कि इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
अनदेखी का आरोप: व्यवस्थापक का कहना है कि साल 2015-16 से वहां पर्यावरण संरक्षण का कार्य किया जा रहा है, लेकिन सरकार ने अब तक इस मामले में कोई ठोस सुनवाई नहीं की है।
पिछले कई दिनों से अग्नि तप और आमरण अनशन पर बैठे संतों द्वारा शनिवार को जीवित समाधि लेने के ऐलान के बाद प्रशासन की चिंताएं बढ़ गई हैं। संतों का स्पष्ट कहना है कि जब तक औद्योगिक क्षेत्र का प्रस्ताव निरस्त नहीं होता और धाम के संरक्षण की गारंटी नहीं मिलती, वे पीछे नहीं हटेंगे।
धार्मिक आस्था के साथ-साथ यह मामला पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़ा है। स्थानीय निवासियों का मानना है कि औद्योगिक क्षेत्र बनने से इस प्राचीन धार्मिक स्थल की पवित्रता भंग होगी और क्षेत्र के प्राकृतिक संतुलन को भी नुकसान पहुंचेगा।