अब आपको घी की शुद्धता जांचने के लिए किसी लैब जाने की जरूरत नहीं है। आप अपने स्मार्टफोन से घी के डिब्बे पर लगे QR कोड को स्कैन कर सकते हैं।
क्या मिलेगी जानकारी: कोड स्कैन करते ही एक लिंक खुलेगा, जिसमें घी किस डेयरी में बना है, उसकी बैच संख्या क्या है और वह कब पैक हुआ है, यह सारी जानकारी सामने आ जाएगी। अगर कोड स्कैन नहीं होता या जानकारी मेल नहीं खाती, तो समझ लें कि घी मिलावटी है।
सरस डेयरी पाली की मार्केटिंग मैनेजर सोहनी देवी ने बताया कि मिलावटखोरों से बचने के लिए डेयरी ने खास व्यवस्था की है।
छिपा हुआ कोड: घी के डिब्बे की बाहरी पैकिंग पर एक QR कोड होता है, जो दिखाई नहीं देता। इसे सिक्के या नाखून से स्क्रैच करने पर कोड नजर आता है।
सुरक्षा चक्र: यह कोड आधा लीटर से लेकर 15 किलो तक के सभी पैक पर उपलब्ध है। स्क्रैच कोड होने के कारण इसे कॉपी करना या नकली बनाना बेहद मुश्किल है।
मैनेजर सोहनी देवी के अनुसार, सरस डेयरी पिछले दो साल से यह तकनीक इस्तेमाल कर रही है। लेकिन जागरूकता की कमी के कारण ज्यादातर लोग इसे चेक नहीं करते। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अब डेयरी विभाग लोगों को इस फीचर के प्रति जागरूक कर रहा है ताकि सरस के नाम पर बिकने वाले नकली घी पर लगाम लगाई जा सके।
पिछले दिनों पाली के सुमेरपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने छापेमारी कर भारी मात्रा में नकली घी पकड़ा था। आरोपी नामी ब्रांड्स के खाली डिब्बों में घटिया तेल और एसेंस मिलाकर नकली घी भर रहे थे। इस घटना के बाद से ही उपभोक्ता सरस जैसे विश्वसनीय ब्रांड्स को लेकर भी आशंकित थे, जिसका समाधान अब इस डिजिटल तकनीक से किया जा रहा है।
डेयरी प्रशासन ने ग्राहकों से अपील की है कि वे बाजार से घी खरीदते समय डिब्बे को स्क्रैच कर QR कोड जरूर स्कैन करें। यदि किसी दुकानदार के पास कोड रहित या संदिग्ध पैकिंग मिलती है, तो इसकी सूचना तुरंत डेयरी या खाद्य विभाग को दें।