Rajasthan

भीलवाड़ा में शिव महापुराण: गैस किल्लत के चलते अब 'मिट्टी की भट्टियों' पर पकेगा 20 हजार भक्तों का भोजन

भीलवाड़ा: राजस्थान के भीलवाड़ा में 8 अप्रैल से शुरू होने जा रही प्रख्यात कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की 'श्री शिव महापुराण कथा' वैश्विक तनाव की लहरों से अछूती नहीं रही है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण देश में LPG की सप्लाई प्रभावित हुई है। इसका अनोखा समाधान निकालते हुए आयोजन समिति ने आधुनिक गैस सिलेंडरों को त्याग कर पारंपरिक मिट्टी की भट्टियों का सहारा लिया है।

 

700 सिलेंडरों की जगह अब 'लकड़ी' का सहारा

गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत को देखते हुए आयोजन समिति ने एक बड़ा और साहसिक फैसला लिया है।

  • पारंपरिक समाधान: भोजनशाला में 12 विशाल मिट्टी की भट्टियां तैयार की गई हैं। यह संभवतः पहला मौका है जब इतने बड़े आयोजन में कमर्शियल गैस सिलेंडरों का उपयोग नहीं किया जाएगा।

  • लकड़ी का स्टॉक: आयोजन समिति ने पहले ही भारी मात्रा में सूखी लकड़ियों का स्टॉक जमा कर लिया है, ताकि कथा के दौरान ईंधन की कोई कमी न रहे।

 

20 हजार श्रद्धालुओं के लिए सात्विक भोजन

भीलवाड़ा के पन्नाधाय सर्किल के पास एक विशाल भोजनशाला बनाई गई है, जहाँ प्रतिदिन हजारों भक्तों के लिए प्रसाद तैयार होगा।

  • बड़ी टीम: भोजन बनाने की जिम्मेदारी 70 मुख्य हलवाइयों को सौंपी गई है। कुल 250 से अधिक कार्यकर्ताओं की टीम भोजन वितरण और व्यवस्था संभालेगी।

  • महिला शक्ति: प्रतिदिन एक समय के भोजन वितरण का विशेष जिम्मा महिला कार्यकर्ताओं को दिया गया है, जो व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में मदद करेंगी।

 

सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम: 1500 जवान संभालेंगे मोर्चा

भीलवाड़ा के मेडिसिटी ग्राउंड पर होने वाली इस कथा में लाखों की भीड़ जुटने की उम्मीद है।

  • भारी जाब्ता: भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। सुरक्षा के लिए अन्य जिलों से 1500 अतिरिक्त पुलिस जवान बुलाए गए हैं।

  • यातायात प्रबंधन: शहर में यातायात बाधित न हो, इसके लिए ट्रैफिक पुलिस ने अलग से रूट मैप तैयार किया है।

 

8 से 14 अप्रैल तक बहेगी शिव पुराण की गंगा

यह धार्मिक अनुष्ठान 8 अप्रैल से 14 अप्रैल 2026 तक चलेगा।

  • उत्साह का माहौल: शहरवासियों के साथ-साथ बाहरी राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु भीलवाड़ा पहुँच रहे हैं।

  • तैयारियां मुकम्मल: श्रद्धालुओं के ठहरने, पेयजल और प्राथमिक चिकित्सा के लिए मेडिसिटी ग्राउंड पर विशेष इंतजाम किए गए हैं।