सवाई माधोपुर: जिले के कुशालीपुरा स्थित शहीद स्मारक पर शनिवार को गुर्जर समाज और प्रशासन के बीच चल रहा गतिरोध उस समय समाप्त हो गया, जब समाज के लोगों ने एकजुट होकर कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला और अन्य शहीदों की मूर्तियों का अनावरण कर दिया। हालांकि प्रशासन इस क्षेत्र को रणथंभौर टाइगर रिजर्व का हिस्सा बताते हुए मूर्ति स्थापना की अनुमति देने से इनकार कर रहा था, लेकिन गुर्जर समाज अपनी मांग पर अड़ा रहा।
शनिवार दोपहर को कुशालीपुरा शहीद स्थल पर माहौल पूरी तरह से उत्सव में बदल गया:
विजय बैंसला पहुंचे: कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के बेटे विजय सिंह बैंसला दोपहर करीब 1:00 बजे कुशालीपुरा शहीद स्मारक पहुंचे।
विधि-विधान से कार्यक्रम: इसके ठीक बाद, दोपहर करीब 1:15 बजे शहीदों के परिजनों और गुर्जर समाज के प्रबुद्ध लोगों की मौजूदगी में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूरी विधि-विधान से अनावरण कार्यक्रम संपन्न हुआ। कर्नल बैंसला के साथ ही शहीद राधेश्याम और शहीद कन्हैया लाल की मूर्तियों का भी अनावरण किया गया।
इस भव्य कार्यक्रम के लिए गुर्जर समाज ने पहले से ही पूरी तैयारी कर रखी थी:
रात में पहुंचीं मूर्तियां: शुक्रवार देर रात को ही कर्नल बैंसला और दोनों शहीदों की मूर्तियां कुशालीपुरा शहीद स्थल पर सुरक्षित पहुंचा दी गई थीं।
जश्न का माहौल: शनिवार सुबह से ही यहां गुर्जर समाज के लोगों का भारी संख्या में जुटना शुरू हो गया था। सभा स्थल पर कर्नल बैंसला की याद में गाए जा रहे गीतों पर समाज के युवा और बुजुर्ग नाचते और जश्न मनाते नजर आए।
इस पूरे मामले को लेकर पिछले 24 घंटों से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा हुआ था:
सीटीएच क्षेत्र का तर्क: जिला प्रशासन और वन विभाग का कहना था कि यह पूरा इलाका रणथंभौर टाइगर रिजर्व के सीटीएच (क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट) क्षेत्र के अंतर्गत आता है। नियमों के मुताबिक, ऐसे संवेदनशील वन्यजीव क्षेत्र में किसी भी तरह के निर्माण या मूर्ति स्थापना की अनुमति नहीं दी जा सकती।