Rajasthan

जयपुर में निकली बूढ़ी तीज माता की शाही सवारी, 400 किलो चांदी की पालकी में विराजी तीज माता

जयपुर। गुलाबी नगरी जयपुर में रविवार को बूढ़ी तीज माता की शाही सवारी राजसी परंपराओं और लोक संस्कृति के रंगों के साथ धूमधाम से निकाली गई। तीज माता को करीब 400 किलो वजनी चांदी की पालकी में विराजमान कर सवारी निकाली गई। सवारी के दौरान राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली। वहीं, लड़कियों के एक दल ने तलवारबाजी का प्रदर्शन कर महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया।

शाही सवारी को देखने के लिए शहर में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इस दौरान एक युवक करीब 2 करोड़ रुपए के गहने पहनकर सवारी देखने पहुंचा, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। वहीं, बीकानेर से आए एक व्यक्ति की साढ़े तीन फीट लंबी दाढ़ी भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही।

लड़कियों ने किया तलवारबाजी का प्रदर्शन

शौर्य सेवा संस्था संगठन की खुशी नरुका ने बताया कि उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी के निमंत्रण पर लड़कियों का एक ग्रुप तीज समारोह में शामिल हुआ। ग्रुप की लड़कियों ने शाही सवारी के दौरान तलवारबाजी की कला का प्रदर्शन किया।

खुशी नरुका ने कहा कि तलवारबाजी के प्रदर्शन के पीछे संदेश यही है कि लड़कियां किसी भी क्षेत्र में कमजोर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि बेटियों को आत्मरक्षा के साथ-साथ राजस्थान की पारंपरिक युद्ध कलाओं से भी परिचित कराया जाना चाहिए।

सवारी शुरू होने से पहले एक कावड़ यात्रा भी त्रिपोलिया बाजार पहुंची। कावड़ यात्रा के लिए बैरिकेड्स हटाकर रास्ता दिया गया। इसके बाद शाही सवारी की तैयारियां पूरी की गईं।

2 करोड़ के गहनों में पहुंचा युवक

बूढ़ी तीज की शाही सवारी देखने के लिए पहुंचे एक युवक ने करीब 2 करोड़ रुपए के गहने पहन रखे थे। भारी-भरकम आभूषणों के कारण वह लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहा। लोगों ने उसके साथ फोटो खिंचवाई और मोबाइल से वीडियो बनाए।

वहीं, बीकानेर से आए रमेश व्यास भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। उन्होंने बताया कि उनकी दाढ़ी करीब साढ़े तीन फीट लंबी है। उन्होंने कहा कि इतनी लंबी दाढ़ी रखना आसान नहीं है और इसके रखरखाव में काफी खर्च होता है। रमेश व्यास के मुताबिक, उन्हें प्रदेश में लंबी दाढ़ी के लिए दूसरा पुरस्कार भी मिल चुका है। उनका ग्रुप भी शाही सवारी में शामिल होने के लिए जयपुर आया।

175 कलाकारों ने बिखेरे लोक संस्कृति के रंग

इस बार तीज की शाही सवारी राजस्थान की लोक संस्कृति का चलता-फिरता मंच नजर आई। इसमें प्रदेश की अलग-अलग लोक कलाओं के करीब 175 कलाकार शामिल हुए।

सवारी में कालबेलिया, गैर, कच्छी घोड़ी, चरी-घूमर, चंग-ढप, मांगणियार गायन, भपंग, रावणहत्था, कठपुतली, बहरूपिया और मशक वादन सहित कई पारंपरिक कलाओं की प्रस्तुतियां दी गईं।

कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में अपनी कला का प्रदर्शन किया। लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों के साथ सजे-धजे घोड़े और ऊंट भी सवारी का हिस्सा रहे। बैंड और अन्य कलाकारों के दलों ने पूरे रास्ते माहौल को उत्सवमय बनाए रखा।

जनानी ड्योढ़ी से तालकटोरा तक दिखा राजसी वैभव

बूढ़ी तीज माता की शाही सवारी सिटी पैलेस की जनानी ड्योढ़ी से रवाना हुई। यहां से सवारी त्रिपोलिया गेट, त्रिपोलिया बाजार, छोटी चौपड़, गणगौरी बाजार और चौगान स्टेडियम होते हुए तालकटोरा स्थित पौंड्रिक पार्क पहुंची।

सवारी के पूरे मार्ग में बड़ी संख्या में लोग तीज माता के दर्शन और शाही आयोजन की झलक देखने के लिए मौजूद रहे। सड़क के दोनों ओर लोगों की भीड़ रही। जैसे-जैसे सवारी आगे बढ़ी, लोगों ने जयकारों और तालियों के साथ इसका स्वागत किया।

सवारी में पारंपरिक परिधानों में सजे कलाकारों के साथ घोड़े और ऊंट भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। राजसी साज-सज्जा और लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने जयपुर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को जीवंत कर दिया।

रविवार को उमड़ी भीड़, विदेशी पर्यटक भी पहुंचे

रविवार का दिन होने के कारण बूढ़ी तीज की शाही सवारी देखने के लिए जयपुर शहर में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। स्थानीय लोगों के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों से आए पर्यटक भी आयोजन का हिस्सा बने।

विदेशी पर्यटकों में भी शाही सवारी को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। कई विदेशी पर्यटक सवारी के साथ चल रहे लोक कलाकारों, सजे हुए ऊंट-घोड़ों और पारंपरिक प्रस्तुतियों की तस्वीरें और वीडियो बनाते नजर आए।

बूढ़ी तीज की शाही सवारी धार्मिक आस्था के साथ जयपुर की राजसी विरासत और राजस्थान की लोक संस्कृति का भी भव्य प्रदर्शन बनी। एक ओर श्रद्धालु तीज माता के दर्शन के लिए उमड़े, वहीं दूसरी ओर पर्यटकों को राजस्थान की पारंपरिक लोक कलाओं और सदियों पुरानी सांस्कृतिक परंपराओं को करीब से देखने का अवसर मिला।

शाही सवारी ने एक बार फिर जयपुर की उस सांस्कृतिक पहचान को सामने रखा, जिसमें राजसी परंपरा, धार्मिक आस्था, लोक कला और पर्यटन एक साथ दिखाई देते हैं।