टोंक: मालपुरा के चैनपुरा गांव में सोमवार को जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने रात्रि चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान 150 बीघा चरागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने का मुद्दा गरमाया, जिस पर मंत्री ने कलेक्टर टीना डाबी की मौजूदगी में अतिक्रमणकारियों को सख्त संदेश दिया।
ग्रामीणों द्वारा चरागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग पर जलदाय मंत्री ने कलेक्टर टीना डाबी की ओर इशारा करते हुए मजाकिया लेकिन सख्त लहजे में कहा:
"मैं तो फिर भी थोड़ा पीछे चला जाता हूं। ये डीएम टीना डाबी हैं। एक बार आगे बढ़ गईं तो पीछे नहीं हटतीं, आप लोग सोच लो।"
उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि डीएम मौके पर हैं, कार्रवाई 100 प्रतिशत होगी और अतिक्रमण हटाने के लिए तुरंत टीम बना दी जाएगी। हालांकि, उन्होंने ग्रामीणों से यह भी कहा कि कार्रवाई के दौरान वे अपनी सुरक्षा का ध्यान खुद रखें।
इस पर ग्रामीणों ने मांग की कि अतिक्रमणकारियों को कानूनी रूप से पाबंद भी किया जाए।
गांव में पेयजल की किल्लत की शिकायतों पर मंत्री ने दोटूक शब्दों में कहा कि अवैध कनेक्शनों के कारण ही आम लोगों तक पानी नहीं पहुंच रहा है।
खुद हटा लें कनेक्शन: मंत्री ने सरपंच को लिस्ट सौंपते हुए कहा कि ग्रामीण अपने अवैध कनेक्शन खुद ही हटा लें, वरना विभाग द्वारा कार्रवाई किए जाने पर उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
रात्रि चौपाल में ग्रामीणों ने अपनी रोजमर्रा की मूलभूत समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। कुल 57 एप्लिकेशन प्राप्त हुईं, जिनमें प्रमुख मांगें इस प्रकार रहीं:
चैनपुरा तालाब को 'मॉडल तालाब' के रूप में विकसित करना।
आम रास्तों और खेतों तक पहुंचने वाले मार्गों से अतिक्रमण हटाना।
हैंडपंप लगवाना और कम वोल्टेज की समस्या को दूर करना।
पेंशन शुरू करवाना, पीएम आवास योजना का लाभ और आंगनबाड़ी भवन की मरम्मत।
चौपाल के अंत में मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने जनहित के मुद्दों के साथ-साथ राष्ट्रीय और वैश्विक हालात पर भी बात की। प्रधानमंत्री की हालिया अपीलों का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा:
सोना और ईंधन बचाएं: मंत्री ने लोगों से सोना कम खरीदने, डीजल-पेट्रोल की खपत घटाने और विदेश यात्राएं सीमित करने की अपील की।
लाल बहादुर शास्त्री का उदाहरण: उन्होंने चीन युद्ध के समय पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री द्वारा देशवासियों से सप्ताह में एक दिन उपवास रखने की अपील का भी जिक्र किया, ताकि अनाज की बचत हो सके।