तिरंगा यात्रा अल्बर्ट हॉल से शुरू होकर रामनिवास बाग चौराहा, सांगानेरी गेट होते हुए बड़ी चौपड़ पहुंची, जहां यात्रा का समापन हुआ। इस दौरान पूरा मार्ग देशभक्ति के नारों और तिरंगे से रंगा नजर आया। स्कूली बच्चों ने देशभक्ति गीतों पर नृत्य कर कार्यक्रम में उत्साह भर दिया।
यात्रा से पहले आयोजित सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हाल ही में राज्यसभा में ‘प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर (संशोधन) एक्ट, 2026’ पारित किया गया है।
नड्डा ने कहा कि करीब 55 साल पहले ‘द प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर एक्ट’ लाया गया था। इसके तहत संविधान, राष्ट्रगान और राष्ट्रीय ध्वज जैसे राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान को दंडनीय अपराध बनाया गया था। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रतीक केवल प्रतीक नहीं हैं, बल्कि देश की पहचान, गौरव और सम्मान से जुड़े हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तिरंगे के साथ राजस्थान के ऐतिहासिक संबंध का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि तिरंगे का राजस्थान की वीर धरा से गहरा नाता है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, 15 अगस्त 1947 को देश की आजादी के अवसर पर जो तिरंगा पहली बार फहराया गया था, वह राजस्थान के दौसा से बनकर गया था। उस समय दौसा जयपुर का ही हिस्सा था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान की धरती ने देश की आजादी के आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। तिरंगा देश की एकता, अखंडता और गौरव का प्रतीक है और इसके प्रति सम्मान प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
जयपुर की तिरंगा यात्रा में डिप्टी सीएम दीया कुमारी, प्रेमचंद बैरवा, भाजपा प्रदेश प्रभारी डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल, प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
राजस्थान के अन्य जिलों में भी ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। राजसमंद जिले के आमेट में स्कूली बच्चों ने करीब 500 मीटर लंबे राष्ट्रीय ध्वज के साथ तिरंगा रैली निकाली। बच्चों और स्थानीय लोगों ने देशभक्ति के नारों के साथ रैली में हिस्सा लिया।
जोधपुर में भी ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की शुरुआत की गई। जिला कलेक्ट्रेट से विशाल प्रभातफेरी निकाली गई। इसमें कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल और जिला कलेक्टर आलोक रंजन सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय लोग शामिल हुए।
जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने बताया कि जोधपुर में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान 9 से 17 अगस्त तक आयोजित किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक के भीतर राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना को और मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि तिरंगा देश की राष्ट्रीय मर्यादा, आन-बान और शान का प्रतीक है। अभियान के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और देश के प्रति जिम्मेदारी के बारे में जागरूक किया जाएगा।
प्रदेशभर में निकाली जा रही तिरंगा यात्राओं के जरिए स्वतंत्रता दिवस से पहले देशभक्ति का माहौल बनाया जा रहा है। राजधानी जयपुर में बारिश के बावजूद लोगों की बड़ी भागीदारी ने कार्यक्रम में उत्साह बनाए रखा। स्कूली बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने हाथों में तिरंगा लेकर देश के प्रति सम्मान और एकता का संदेश दिया।