Rajasthan

उदयपुर नगर निगम चुनाव: कांग्रेस ने सभी 80 वार्डों के प्रत्याशी घोषित किए, शहर जिलाध्यक्ष की पत्नी और पूर्व केंद्रीय मंत्री की बहू को टिकट

उदयपुर। नगर निगम चुनाव को लेकर कांग्रेस ने रविवार को अपने सभी 80 वार्डों के प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी। पार्टी ने इस बार कई नए चेहरों को मौका दिया है, वहीं कुछ पूर्व पार्षदों और स्थानीय स्तर पर सक्रिय नेताओं को भी दोबारा मैदान में उतारा गया है। सूची में पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास के परिवार से लेकर कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष के परिवार तक के नाम शामिल हैं।

कांग्रेस ने पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास की बहू (भतीजे की पत्नी) हितांशी शर्मा को वार्ड नंबर 73 से प्रत्याशी बनाया है। हितांशी शर्मा पहले भी पार्षद रह चुकी हैं। उनके ससुर गोपाल शर्मा शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष रह चुके हैं। वहीं कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष फतहसिंह राठौड़ की पत्नी पूनम कंवर राठौड़ को वार्ड नंबर 17 से टिकट दिया गया है।

यूथ कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष को भी मौका

कांग्रेस ने यूथ कांग्रेस उदयपुर के पूर्व जिलाध्यक्ष हर्षवर्धन केलावत को वार्ड नंबर 2 से प्रत्याशी बनाया है। वहीं नगर निगम में पिछली बार महापौर पद के प्रत्याशी रहे अरुण टांक को भी पार्टी ने टिकट दिया है।

इसके अलावा बीजेपी से जनता सेना में जाने और फिर कांग्रेस में शामिल होने वाले पंकज सुखवाल को वार्ड नंबर 45 से चुनाव मैदान में उतारा गया है। उनके टिकट को भी पार्टी की रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

6 पूर्व पार्षदों पर फिर भरोसा

कांग्रेस की सूची में छह पूर्व पार्षदों को भी टिकट दिया गया है। इनमें अरुण टांक, शंकर चंदेल, हितांशी शर्मा, हिदायत तुल्ला, शिप्रा उपाध्याय और लक्ष्मीनारायण मेघवाल शामिल हैं।

पार्टी ने वार्ड नंबर 66 से सत्येंद्र को टिकट दिया है। सत्येंद्र पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस की सूची में अलग राजनीतिक पृष्ठभूमि से आए चेहरे को मौका दिया जाना भी चर्चा में है।

कई वरिष्ठ नेताओं के टिकट कटे

कांग्रेस की सूची में कुछ पुराने और वरिष्ठ नेताओं के नाम नहीं होने से भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजीव सुहालका और राव कल्याण सिंह को इस बार टिकट नहीं दिया गया है।

इसके अलावा अजय पोरवाल और देवेंद्र माली का नाम भी सूची में नहीं है। इनके टिकट कटने को लेकर स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं और राजनीतिक हलकों में चर्चा है।

वहीं अजीत चौधरी को वार्ड नंबर 6 से टिकट दिया गया है। बताया जा रहा है कि वे पहले वार्ड नंबर 2 से जुड़े रहे हैं और वार्ड नंबर 2 उनके लिए आरक्षित भी था। ऐसे में वार्ड बदलकर टिकट दिए जाने का फैसला भी चर्चा में है।

पूर्व सरपंचों को भी चुनाव मैदान में उतारा

कांग्रेस ने नगर निगम चुनाव में ग्रामीण और स्थानीय निकाय स्तर पर अनुभव रखने वाले कई चेहरों को भी मौका दिया है। बड़गांव के पूर्व सरपंच संजय शर्मा को वार्ड नंबर 1 से प्रत्याशी बनाया गया है।

इसी तरह अंबेरी के सरपंच बाबूलाल गमेती को वार्ड नंबर 79 से टिकट दिया गया है। वहीं सापेटिया सरपंच पुष्करलाल के बेटे योगेश पुष्करणा को वार्ड नंबर 80 से उम्मीदवार बनाया गया है। इसके अलावा उप सरपंच रमेश डांगी को भी चुनाव मैदान में उतारा गया है।

कांग्रेस की ओर से सभी 80 वार्डों के प्रत्याशियों की घोषणा के बाद अब उदयपुर नगर निगम चुनाव का मुकाबला और स्पष्ट हो गया है। पार्टी ने सूची में पूर्व पार्षदों, युवा नेताओं, स्थानीय निकायों से जुड़े चेहरों और नए उम्मीदवारों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है।

वहीं, कई वरिष्ठ नेताओं और पुराने दावेदारों के टिकट कटने से पार्टी के अंदर नाराजगी के सवाल भी उठ सकते हैं। अब प्रत्याशियों की घोषणा के बाद कांग्रेस के सामने सभी वार्डों में संगठन और कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने की चुनौती होगी।

उदयपुर नगर निगम चुनाव में इस बार कांग्रेस ने एक तरफ अनुभवी चेहरों पर भरोसा जताया है, तो दूसरी तरफ नए और युवा चेहरों को भी बड़ी संख्या में मौका दिया है। हितांशी शर्मा, पूनम कंवर राठौड़, हर्षवर्धन केलावत और अरुण टांक जैसे नाम पार्टी की सूची में प्रमुख रूप से सामने आए हैं। अब इन प्रत्याशियों के चुनावी प्रदर्शन पर सभी की नजर रहेगी।