अजमेर: तीर्थ नगरी पुष्कर के पास होकरा गांव की पुलिया पर सोमवार दोपहर करीब 1:40 बजे एक बड़ा हादसा हो गया। जयपुर से आ रहे इंडियन ऑयल (IOCL) के टैंकर और सामने से जा रहे दो ट्रेलरों में आमने-सामने की भीषण टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रेलरों के केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और ड्राइवर अंदर ही फंस गए। इस हादसे के बाद टैंकर से तेल का रिसाव शुरू होने से इलाके में बड़ा खतरा पैदा हो गया।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और हाईवे पर लंबा जाम लग गया:
ड्राइवर केबिन में फंसे: अजमेर ग्रामीण एएसपी लाल चंद कायल ने बताया कि भिड़ंत के बाद इंडियन ऑयल टैंकर का ड्राइवर हाथी सिंह (58) किसी तरह केबिन से बाहर निकलकर दूर खड़ा हो गया। लेकिन दोनों ट्रेलरों के ड्राइवर केबिन के भीतर ही मलबे में फंस गए।
रेस्क्यू ऑपरेशन: मौके पर जुटे स्थानीय लोगों ने एक ट्रेलर के ड्राइवर को बाहर निकाला, जबकि दूसरे फंसे हुए ड्राइवर को पुलिस ने जेसीबी (JCB) मशीन की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद बाहर खिंचवाया।
अस्पताल में मौत: तीनों घायलों को तुरंत 108 एम्बुलेंस की मदद से अजमेर के जेएलएन (JLN) अस्पताल पहुंचाया गया। वहां इलाज के दौरान चूना लेकर जा रहे ट्रेलर के ड्राइवर दिलशाद की मौत हो गई। वहीं, बोरूंदा (जोधपुर) निवासी दूसरे ट्रेलर ड्राइवर अब्दुल जफार (58) और टैंकर ड्राइवर हाथी सिंह का इलाज जारी है।
टक्कर के बाद हाईवे पर एक बड़ा ब्लास्ट होने का खतरा मंडराने लगा था:
भारी मात्रा में था फ्यूल: यह टैंकर जयपुर IOCL डिपो से पुष्कर के 'श्रीमाधव गोपाल गुर्जर फिलिंग स्टेशन' जा रहा था। टैंकर में कुल 20,000 लीटर ईंधन भरा हुआ था, जिसमें 5 हजार लीटर पेट्रोल और 15 हजार लीटर डीजल शामिल था।
बढ़ा धमाके का खतरा: भिड़ंत के बाद टैंकर का मुख्य हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और उससे तेजी से डीजल का रिसाव (Leakage) होने लगा। पेट्रोल-डीजल से भरे टैंकर में जरा सी लापरवाही बड़ी आग का सबब बन सकती थी।
प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए तुरंत कड़े कदम उठाए:
ट्रैफिक रोका गया: एएसपी ने बताया कि रिसाव की सूचना मिलते ही पुलिस ने होकरा पुलिया पर दोनों तरफ से यातायात को पूरी तरह रुकवा दिया।
सुरक्षा घेरा बनाया: आगजनी के खतरे को देखते हुए दुर्घटनास्थल के आसपास के करीब 500 मीटर के दायरे को पूरी तरह खाली करवा दिया गया।
पानी की बौछार: मौके पर तुरंत दमकल (Fire Brigade) की गाड़ियों को बुलाया गया। डीजल के असर को कम करने और तापमान को नियंत्रित रखने के लिए एहतियातन पूरे टैंकर और सड़क पर लगातार पानी का भारी छिड़काव किया गया, जिसके बाद स्थिति पर काबू पाया जा सका।