Rajasthan

मकराना में 3.5 साल की बच्ची से कथित दुष्कर्म मामला: निजी स्कूल के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू, धारा 163 लागू

मकराना। डीडवाना-कुचामन जिले के मकराना में साढ़े तीन साल की बच्ची से कथित दुष्कर्म के मामले ने शनिवार को नया मोड़ ले लिया। पीड़िता के परिजनों और सर्व समाज के लोगों ने घटना के विरोध में निजी स्कूल के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग धरनास्थल पर पहुंचने लगे और दिनभर सामाजिक संगठनों, स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों तथा विभिन्न समाजों के लोगों का समर्थन लगातार मिलता रहा। पूरे दिन धरनास्थल पर लोगों की आवाजाही बनी रही और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग जोर पकड़ती गई।

धरने पर बैठे लोगों ने प्रशासन और पुलिस से मांग की कि मामले की जांच में तेजी लाई जाए तथा आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि घटना को कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पीड़ित बच्ची और उसके परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

धरनास्थल पर महिलाओं, युवाओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। बड़ी संख्या में लोग हाथों में तख्तियां लेकर पहुंचे और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ऐसी घटनाएं समाज को झकझोर देती हैं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उनका कहना था कि दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

धरने के दौरान लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की। पीड़ित परिवार के समर्थन में विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने भी एकजुटता दिखाई। कई सामाजिक संगठनों ने कहा कि यह केवल एक परिवार का मामला नहीं, बल्कि पूरे समाज की संवेदनाओं से जुड़ा विषय है। इसलिए दोषियों के खिलाफ त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई जरूरी है।

उधर, बढ़ती भीड़ और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए। उपखंड मजिस्ट्रेट बाबूलाल जाट ने शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू करने के आदेश जारी किए। आदेश के अनुसार बिना सक्षम अनुमति किसी भी प्रकार के धरना, प्रदर्शन, जुलूस, सभा या रैली आयोजित करने पर रोक रहेगी। साथ ही पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एक स्थान पर एकत्र होने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के उद्देश्य से उठाया गया है।

हालांकि प्रतिबंधात्मक आदेश लागू होने के बाद भी धरनास्थल पर लोगों का आना जारी रहा। सुबह से शुरू हुआ लोगों का जुटना दिनभर बढ़ता रहा और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि लगातार मौके पर पहुंचते रहे। लोगों ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रखने की बात दोहराई।

धरने और बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी है। मकराना सहित आसपास के कई थाना क्षेत्रों से अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया है। धरनास्थल और स्कूल परिसर के आसपास पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके और क्षेत्र में शांति बनी रहे।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जांच के दौरान कुछ संदिग्धों से पूछताछ भी की गई है। पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी तथा किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि प्रदर्शनकारी अब भी इस बात पर जोर दे रहे हैं कि मुख्य आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी होनी चाहिए।

घटना के बाद पूरे मकराना क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। लोगों में घटना को लेकर गहरा आक्रोश है और सोशल मीडिया पर भी मामले को लेकर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। वहीं प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने, शांति बनाए रखने और कानून अपने हाथ में नहीं लेने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि भड़काऊ भाषण, आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और बाल संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर गंभीर बहस छेड़ दी है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की जरूरत है, ताकि मासूम बच्चों के साथ इस तरह की घटनाओं की आशंका को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।

फिलहाल पूरे मामले पर प्रदेशभर की नजर बनी हुई है। पीड़ित परिवार न्याय की मांग पर अडिग है, जबकि प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने और जांच को आगे बढ़ाने में जुटा हुआ है। आने वाले दिनों में पुलिस की कार्रवाई और जांच की दिशा इस संवेदनशील मामले में आगे की स्थिति तय करेगी।