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भारतीय डाक विभाग ने 17 मार्च को तीन नई प्रीमियम सेवाएं शुरू की हैं,

भारतीय डाक विभाग ने 17 मार्च को तीन नई प्रीमियम सेवाएं शुरू की हैं, जिससे ग्राहक अपने महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों और पार्सल को 24 घंटे के भीतर भेज सकेंगे। इन सेवाओं में लिखित गारंटी और 'मनी-बैक गारंटी' शामिल है, जिसका अर्थ है कि यदि निर्धारित समय में डिलीवरी नहीं होती है, तो पूरे पैसे वापस मिल जाएंगे।

लॉन्च की गई तीन सेवाएं हैं:
24 स्पीड पोस्ट: इसमें दस्तावेज़ अगले दिन ही डिलीवर हो जाएंगे।
24 स्पीड पोस्ट पार्सल: यह भारी सामान या बॉक्स के लिए है, जिसकी 24 घंटे के भीतर डिलीवरी की गारंटी है।
48 स्पीड पोस्ट: यह एक सस्ता विकल्प है जिसमें पार्सल को पहुंचने में 2 दिन (48 घंटे) का समय लगेगा।

शुरुआती चरण में, ये सेवाएं दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद सहित देश के 6 प्रमुख मेट्रो शहरों में शुरू की गई हैं। डिलीवरी की समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने के लिए, विभाग ने इन शहरों में अलग से प्रोसेसिंग यूनिट्स स्थापित की हैं और पार्सल भेजने के लिए हवाई जहाज का उपयोग किया जाएगा।

सुरक्षा और प्रौद्योगिकी को बढ़ाते हुए, डाक विभाग ने चार विशेष सुविधाएँ भी पेश की हैं:
OTP आधारित डिलीवरी: पार्सल केवल सही OTP दर्ज करने पर ही दिया जाएगा, जिससे गलत हाथों में जाने का जोखिम समाप्त हो जाएगा।
रियल-टाइम ट्रैकिंग: ग्राहक अपने मोबाइल पर पार्सल की लाइव स्थिति देख सकेंगे, और बुकिंग से लेकर डिलीवरी तक हर चरण की जानकारी SMS के माध्यम से मिलेगी।
फ्री पिकअप: थोक बुकिंग के लिए, डाक विभाग घर या कार्यालय से मुफ्त पिकअप की सुविधा प्रदान करेगा।
BNPL (बाय नाउ पे लेटर) सुविधा: कॉर्पोरेट और व्यावसायिक ग्राहकों के लिए 'अभी भेजें, बाद में भुगतान करें' की सुविधा भी उपलब्ध है।

इन सेवाओं का अनावरण करते हुए, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि यह इंडिया पोस्ट के लिए एक परिवर्तनकारी समय है। उन्होंने बताया कि भारत का ई-कॉमर्स बाज़ार, जो वर्तमान में लगभग 11 लाख करोड़ रुपये का है, 2030 तक तीन गुना बढ़कर 30 लाख करोड़ रुपये होने की उम्मीद है। डाक विभाग का लक्ष्य इस बढ़ते बाज़ार में अपनी हिस्सेदारी मजबूत करना है और आधुनिक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार है।

व्यवसायों को आकर्षित करने के लिए, विभाग ने थोक शिपमेंट के लिए मुफ्त पिकअप के अलावा केंद्रीकृत बिलिंग और API इंटीग्रेशन जैसे विकल्प भी दिए हैं, जिससे कंपनियाँ सीधे डाक विभाग के सिस्टम से जुड़कर अपने पार्सल को ट्रैक और प्रबंधित कर सकेंगी।