हादसा मंगलवार शाम उस समय हुआ था, जब वन पैरा स्पेशल फोर्स के जवान सैन्य अभ्यास के तहत चिनूक हेलिकॉप्टर से यमुना में खड़ी मोटर बोट पर कूदे थे। बोट में पहुंचने के बाद अचानक उसमें तकनीकी समस्या आई और वह डूबने लगी। पांच जवानों में से तीन किसी तरह तैरकर बाहर निकल आए, जबकि दो जवान तेज बहाव में बह गए।
मंगलवार शाम करीब 5 बजे हथिनीकुंड बैराज के पास सैन्य अभ्यास चल रहा था। इसी दौरान वन पैरा स्पेशल फोर्स के पांच जवान चिनूक हेलिकॉप्टर से यमुना में खड़ी मोटर बोट पर उतरे।
जवानों के बोट में पहुंचने के बाद बोट स्टार्ट नहीं हुई और अचानक डूबने लगी। इसके बाद पांचों जवान डाइविंग किट और लाइफ जैकेट पहनकर पानी में कूद गए।
तीन जवान तैरकर पश्चिमी यमुना नहर के गेट से बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन महाराष्ट्र निवासी पीआर नारायण और जम्मू-कश्मीर के अखनूर निवासी अजय लापता हो गए।
हादसे की सूचना मिलते ही सेना और स्थानीय गोताखोरों की टीमें तलाश में जुट गईं।
बुधवार को सेना के साथ हरियाणा और उत्तर प्रदेश SDRF की टीमें भी सर्च ऑपरेशन में शामिल हुईं। हेलिकॉप्टर से भी इलाके की निगरानी की गई। सेना की करीब 10 टीमों ने लगभग 15 किलोमीटर के दायरे में तलाश अभियान चलाया।
लापता जवानों की तलाश के लिए पश्चिमी यमुना नहर में करीब एक घंटे तक पानी का प्रवाह रोका गया। जवानों ने मानव श्रृंखला बनाकर नहर में उतरकर भी तलाश की।
शाम को बैराज से करीब 15 किलोमीटर दूर दादूपुर हेड के पास दो लाइफ जैकेट और एक डाइविंग किट मिली। हालांकि उस समय सेना की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया कि बरामद सामान लापता जवानों का ही था या नहीं।
इसके बाद रात करीब 8 बजे उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के बरथा कोरसी गांव में डाइविंग सूट पहने एक शव बरामद हुआ। सिंचाई विभाग ने इसकी सूचना सेना को दी। बताया गया कि यह शव जम्मू-कश्मीर के अखनूर निवासी अजय का हो सकता है, लेकिन सेना ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की।
गुरुवार को भी हथिनीकुंड बैराज के आसपास सर्च ऑपरेशन जारी रहा। इसके साथ सेना की टीमें करनाल के इंद्री इलाके तक भी पहुंचीं। पश्चिमी यमुना नहर में बहकर आने वाले शवों के इंद्री तक पहुंचने की आशंका को देखते हुए वहां सुबह से निगरानी की जा रही थी।
हालांकि सेना की टीमें नहर में नहीं उतरीं और बाहर से ही निगरानी करती रहीं। इसी बीच दोपहर करीब 12 बजे सूचना मिली कि जींद जिले की हांसी ब्रांच नहर में अमरेहड़ी गांव के पास डाइविंग सूट पहने एक शव बरामद हुआ है।
बताया गया कि यह शव महाराष्ट्र निवासी पीआर नारायण का है। हांसी ब्रांच नहर पश्चिमी यमुना नहर की मुनक हेड से निकलती है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि तेज बहाव के कारण जवान का शव करीब 200 किलोमीटर दूर तक बहकर पहुंचा।
हादसे के बाद से सेना, NDRF, SDRF, पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटी हुई थीं। अब दोनों जवानों के शव मिलने की सूचना से तलाश अभियान को लेकर बड़ी सफलता मानी जा रही है।
हालांकि, दोनों शवों की पहचान को लेकर सेना की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। आधिकारिक पहचान और अन्य प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
तीन दिन तक चले इस सर्च ऑपरेशन में बैराज से लेकर उत्तर प्रदेश और हरियाणा की नहरों तक जवानों की तलाश की गई। तेज बहाव के कारण शवों के काफी दूर तक बह जाने से राहत और बचाव टीमों के सामने भी बड़ी चुनौती रही।