जयपुर। जयपुर महानगर में आयोजित यह विशेष कार्यक्रम दो महत्वपूर्ण अवसरों को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया गया — एक ओर पुलवामा आतंकी हमले की सातवीं वर्षगांठ पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करना और दूसरी ओर महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर भगवान शिव का सामूहिक रुद्राभिषेक एवं जलाभिषेक कर आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता का संदेश देना। इसी उद्देश्य से यह आयोजन आस्था, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक एकता के संगम के रूप में आयोजित किया गया। यह विशाल सामूहिक रुद्राभिषेक एवं जलाभिषेक कार्यक्रम अल्का गौड़ फाउंडेशन और घुमंतू उत्थान न्यास के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कर्नल देव आनंद लोहा मरोड़ उपस्थित रहे, जबकि वरिष्ठ अतिथि के रूप में कमांडो मुकेश डोई और वीरांगना निहारीका ने शिरकत की। कार्यक्रम के उपरांत क्षेत्र के विधायक श्री गोपाल शर्मा भी पहुंचे और जलाभिषेक में भाग लेकर आयोजन की सराहना की।
कार्यक्रम में घुमंतू समाज की लगभग 300 महिलाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। महिलाओं ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय, सकारात्मक और ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। इस अवसर पर पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपस्थित जनों ने दो मिनट का मौन रखकर देश के वीर सपूतों के सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि कर्नल देव आनंद लोहा मरोड़ ने राष्ट्रसेवा और सामाजिक एकता का संदेश देते हुए कहा कि सेवाकाल में शहीद होने वाले सैनिकों की वीर माताओं और आश्रित परिवारों को सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने के लिए सरकार को अनुकंपा नियुक्ति की स्पष्ट नीति बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश आज विश्व की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, ऐसे में सैनिकों के सम्मान और हितों की रक्षा करना राष्ट्र की प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने अपने वक्तव्य में यह मुद्दा भी उठाया कि देश में कई बड़े आर्थिक संगठन और संस्थाएं भारी आय के बावजूद कर संबंधी छूट का लाभ प्राप्त करती हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) जैसी अत्यंत समृद्ध संस्था, जिसकी आय हजारों करोड़ रुपये में है, उसे भी विशेष कर प्रावधानों के अंतर्गत राहत मिलती रही है। ऐसे में यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि जब बड़े आर्थिक ढांचे कर छूट पा सकते हैं, तो देश की सुरक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले सैनिकों की विकलांगता पेंशन या सेवा लाभों पर कर लगाने की चर्चा क्यों होनी चाहिए।
कर्नल देव आनंद लोहा मरोड़ ने मांग रखी कि सैनिकों के वेतन, भत्तों और सेवा संबंधी संपूर्ण आय को करमुक्त किया जाए, ताकि यह स्पष्ट संदेश जाए कि राष्ट्र अपने सैनिकों के साथ केवल शब्दों से नहीं, बल्कि नीतिगत निर्णयों से भी मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि सैनिक कठिन और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में सेवा करते हैं, इसलिए उनकी आर्थिक सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने, आत्मविश्वास बढ़ाने और धार्मिक-सांस्कृतिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने की दिशा में सार्थक प्रयास हैं। कार्यक्रम में अल्का गौड़ फाउंडेशन की संस्थापक निदेशक डॉ. अल्का गौड़, डॉ. आशीष गौड़, नीता बूचरा, पूर्णिमा गोयल, डॉ. स्निग्धा शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति तथा घुमंतू समाज से दिलीप, गोपाल गुजराती, संजय आदि उपस्थित रहे।