श्रीगंगानगर/जयपुर। राजस्थान के बड़े शराब कारोबारी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता अशोक चांडक के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। शुक्रवार तड़के सुबह करीब 5:00 बजे ईडी की अलग-अलग विशेष टीमों ने अशोक चांडक के श्रीगंगानगर और राजधानी जयपुर स्थित कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी (रेड) शुरू की। अचानक हुई इस कार्रवाई से राजनीतिक और व्यापारिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
राजनीतिक रूप से रसूखदार चांडक परिवार का पुराना इतिहास रहा है। अशोक चांडक ने साल 2018 में कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव भी लड़ा था, जिसके बाद वे भाजपा में शामिल हो गए थे। इसके अलावा, उनकी पत्नी और भाई भी श्रीगंगानगर नगर परिषद के चेयरमैन (सभापति) पद पर रह चुके हैं।
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ईडी की कई टीमों ने शुक्रवार सुबह चांडक के पैतृक शहर श्रीगंगानगर में एक साथ कई जगहों पर मोर्चा संभाला।
दफ्तरों पर रेड: केंद्रीय एजेंसी की टीमें सबसे पहले अशोक चांडक के मुख्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान 'शिवा वाइन' (Shiva Wine) और उनके 'चंद्रकला चैरिटेबल ट्रस्ट' के कार्यालयों में पहुंचीं और सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
रिश्तेदारों पर शिकंजा: जांच का दायरा केवल चांडक के घरों तक सीमित नहीं रहा। श्रीगंगानगर के पॉश इलाके निकुंज विहार और जवाहर नगर में रहने वाले उनके करीबी रिश्तेदारों के यहाँ भी ईडी की टीमें जांच कर रही हैं।
जयपुर में भी कार्रवाई: इसके समानांतर, जयपुर के वैशाली नगर स्थित अशोक चांडक के रिश्तेदारों और व्यापारिक साझेदारों के आवासों पर भी ईडी ने तड़के ही छापा मारा, जहाँ कारोबार और अघोषित संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की गहनता से पड़ताल की जा रही है।
शुरुआती इनपुट्स के अनुसार, ईडी की यह बड़ी कार्रवाई बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) या टैक्स चोरी से जुड़ी आर्थिक अनियमितताओं के पुख्ता इनपुट्स मिलने के बाद की जा रही है। हालांकि, केंद्रीय जांच एजेंसी की ओर से अभी तक इस छापेमारी के कारणों और अब तक हुई बरामदगी को लेकर कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मौके पर सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है।
अशोक चांडक का परिवार पिछले साल जून 2025 में भी राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आया था, जब उन्होंने लॉरेंस बिश्नोई सिंडिकेट से जुड़ी कुख्यात रोहित गोदारा गैंग के खिलाफ एक गंभीर आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया था।
पूरा घटनाक्रम इस प्रकार था:
पार्टनर पर फायरिंग: पिछले साल 17 जून 2025 को अशोक चांडक के बिजनेस पार्टनर आशीष गुप्ता पर अज्ञात बदमाशों ने फायरिंग की थी।
फिरौती के कॉल्स: इस जानलेवा हमले के तुरंत बाद अशोक चांडक और उनके बेटे राघव चांडक के मोबाइल पर गैंगस्टर रोहित गोदारा और हैरी बॉक्सर के नाम से कई धमकी भरे इंटरनेट कॉल्स आए। कॉल करने वालों ने चांडक परिवार से सुरक्षित रहने के बदले 30 करोड़ रुपए की भारी-भरकम फिरौती (रंगदारी) मांगी थी। रकम न देने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई थी।
गैंग का मैसेज और FIR: इसके बाद 24 जून 2025 को राघव के मोबाइल पर एक धमकी भरा मैसेज भेजा गया, जिसमें उनके पार्टनर आशीष गुप्ता पर हुई फायरिंग का हवाला देते हुए गैंग से जुड़े कुछ शूटरों और गुर्गों के नाम लिखे थे। इस गंभीर सुरक्षा खतरे के बाद अशोक चांडक ने श्रीगंगानगर के कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई थी।