दौसा। दौसा जिले के खुरी कलां गांव में आयोजित 'ग्रामीण सेवा शिविर' के दौरान उस समय अफरा-तफरी और हड़कंप मच गया, जब एक पीड़ित युवक ने अचानक अपने ऊपर पेट्रोल उड़ेलकर आत्मदाह (खुद को आग लगाने) का प्रयास किया। हालांकि, शिविर में मौजूद ग्रामीणों और कर्मचारियों ने गजब की तत्परता और मुस्तैदी दिखाते हुए युवक को तुरंत पकड़ लिया और उसके हाथ से पेट्रोल की बोतल छीन ली, जिससे एक बड़ा और दर्दनाक हादसा होने से टल गया।
जानकारी के अनुसार, आत्मदाह का प्रयास करने वाले परिवादी का नाम सीताराम है, जो अपने खेत व घर के रास्ते को लेकर लंबे समय से पड़ोसी पक्ष के साथ जारी विवाद से मानसिक रूप से बेहद परेशान था।
लापरवाही का आरोप: सीताराम का आरोप है कि वह रास्ते से अतिक्रमण हटवाने और अपने जायज हक के लिए पहले भी कई बार प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर लगा चुका था और लिखित शिकायतें दे चुका था।
आक्रोश में उठाया कदम: इसके बावजूद उसकी समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। बार-बार गुहार लगाने के बाद भी सुनवाई न होने से क्षुब्ध और आक्रोशित होकर उसने प्रशासन का ध्यान खींचने के लिए शिविर स्थल पर ही यह खौफनाक कदम उठा लिया।
शिविर में युवक द्वारा आत्मदाह के प्रयास की खबर आग की तरह फैली और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही दौसा तहसीलदार रश्मि शर्मा और सैंथल थाना पुलिस की टीम भारी जाब्ते के साथ तुरंत खुरी कलां गांव स्थित शिविर स्थल पर पहुंचीं।
अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और पीड़ित सीताराम तथा वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों से पूरे घटनाक्रम की बिंदुवार जानकारी ली।
मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए तहसीलदार रश्मि शर्मा ने कड़ा रुख अपनाया और संबंधित पटवारी, गिरदावर व पुलिस टीम को तत्काल विवादित स्थल पर बुलाया:
रास्ते की पैमाइश: प्रशासनिक टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर रास्ते का सीमांकन (पैमाइश) कराया।
अतिक्रमण पर चला बुलडोजर: रास्ते पर किए गए अवैध अतिक्रमण को तुरंत हटवाया गया और बंद पड़े आम रास्ते को ग्रामीणों व परिवादी के आवागमन के लिए पूरी तरह सुचारु कर दिया गया।
प्रशासन द्वारा हाथों-हाथ की गई इस त्वरित कार्रवाई के बाद पीड़ित का आक्रोश शांत हुआ और मौके पर पैदा हुआ तनाव व हंगामा पूरी तरह से खत्म हुआ। कार्रवाई के दौरान मौके पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों की भारी भीड़ जुटी रही।