City

जयपुर मोमोज कांड की गूंज अब यूपी में: मुख्यमंत्री योगी और महिला आयोग को पत्र लिख की वेंडिंग जोन और सुरक्षा की मांग

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर के जगतपुरा इलाके में रेहड़ी लगाकर मोमोज बेचने वाली 24 वर्षीय युवती रेशु गुप्ता पर एक पुलिसकर्मी द्वारा खौलता पानी फेंकने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। चूंकि पीड़िता मूल रूप से उत्तर प्रदेश की रहने वाली है, इसलिए इस अमानवीय घटना को लेकर यूपी के विभिन्न संगठनों में भारी आक्रोश है। उत्तर प्रदेश के संगठनों ने सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और महिला आयोगों को पत्र भेजकर पीड़िता के पुनर्वास और सम्मानजनक रोजगार की मांग उठाई है। वहीं दूसरी ओर, राजस्थान सरकार की ओर से की गई शुरुआती कार्रवाई पर पीड़िता ने असंतोष जाहिर किया है।

 

पीड़िता का दोटूक बयान— 'सिर्फ लाइन हाजिर कर देना मेरे लिए न्याय नहीं'

घटना के बाद राजस्थान पुलिस और प्रशासन की ओर से की गई प्रशासनिक कार्रवाई से पीड़िता रेशु गुप्ता संतुष्ट नहीं हैं:

  • कार्रवाई को बताया नाकाफी: मामले के तूल पकड़ने के बाद राजस्थान सरकार और पुलिस प्रशासन ने आरोपी कॉन्स्टेबल के खिलाफ कुछ राहत घोषणाएं कीं और उसे लाइन हाजिर (सस्पेंड/हटाना) कर दिया।

  • कड़ी सजा की मांग: इस पर पीड़िता का साफ कहना है कि किसी पुलिसकर्मी को सिर्फ लाइन हाजिर कर देना न्याय की श्रेणी में नहीं आता। उसने उसके जीवन और आजीविका को संकट में डाला है, इसलिए आरोपी को सख्त से सख्त कानूनी सजा मिलनी चाहिए।

 

पिता के निधन के बाद रोजगार के लिए आई थी जयपुर; बहन ने दर्ज कराई FIR

रेशु गुप्ता की पृष्ठभूमि और जयपुर आने की कहानी बेहद संघर्षपूर्ण रही है:

  • अंबेडकरनगर की रहने वाली है रेशु: रेशु गुप्ता मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले की निवासी है। साल 2020 में उसके पिता लाल बहादुर गुप्ता के निधन के बाद पूरे परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी रेशु के कंधों पर आ गई थी। इसी आर्थिक मजबूरी के कारण वह अपनी बहन के साथ रोजगार की तलाश में जयपुर आई थी।

  • 22 जून को दर्ज हुआ मुकदमा: 19 जून की शाम को हुई इस खौफनाक वारदात के बाद, पीड़िता की बहन ने हिम्मत दिखाते हुए 22 जून को जयपुर के रामनगरिया थाने में आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज करवाई थी।

 

राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) से सुओ मोटू (स्वतः संज्ञान) लेने की अपील

उत्तर प्रदेश से संचालित रेहड़ी-पटरी संचालक राष्ट्रीय संगठन इस मामले में पूरी तरह पीड़िता के समर्थन में उतर आया है:

  • शीर्ष संस्थाओं को भेजा पत्र: संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्याम किशोर गुप्ता ने इस बर्बरता के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) और उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग को एक आधिकारिक पत्र भेजा है।

  • सुरक्षा और पुनर्वास की मांग: पत्र में दोनों महिला आयोगों से आग्रह किया गया है कि वे इस अमानवीय और संवेदनशील घटना पर स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लें। साथ ही जयपुर में पीड़ित युवती की सुरक्षा, समुचित इलाज और उचित आर्थिक सहायता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएं।

 

सीएम योगी से गुहार— 'यूपी के प्रमुख शहर में दें वेंडिंग जोन, ताकि युवाओं को न करना पड़े पलायन'

संगठन ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से रेशु को वापस अपने राज्य में सुरक्षित रोजगार देने की विशेष अपील की है:

  • सम्मानजनक रोजगार की मांग: पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अनुरोध किया गया है कि रेशु गुप्ता को उत्तर प्रदेश के ही किसी प्रमुख और सुरक्षित शहर के विकसित 'वेंडिंग जोन' में दुकान या जगह उपलब्ध कराई जाए, ताकि वह अपने परिवार के साथ सम्मान से रह सके।

  • पलायन रोकने के लिए नीतियां: इसके साथ ही संगठन ने मांग की है कि उत्तर प्रदेश के भीतर ही रेहड़ी-पटरी संचालकों और छोटे व्यापारियों के लिए सुव्यवस्थित वेंडिंग जोन बनाए जाएं, ताकि राज्य के युवाओं को आर्थिक तंगी के कारण दूसरे राज्यों में पलायन न करना पड़े और वे अपनी ही धरती पर सुरक्षित आजीविका कमा सकें।

Similer Posts