अस्पताल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, झालावाड़ शहर की रहने वाली ज्योति कश्यप (25) पत्नी अरुण कश्यप (32) को प्रसव पीड़ा होने पर जनाना अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार दोपहर करीब 12:00 बजे डॉक्टरों की एक विशेषज्ञ टीम ने ज्योति का सुरक्षित सिजेरियन (ऑपरेशन) के जरिए यह बेहद जटिल और दुर्लभ प्रसव कराया। सफल डिलीवरी के बाद प्रसूता ज्योति कश्यप की सेहत पूरी तरह सामान्य और स्थिर बनी हुई है।
यद्यपि चारों बच्चे सुरक्षित पैदा हुए हैं, लेकिन जन्म के समय उनका वजन सामान्य से काफी कम (Underweight) दर्ज किया गया है। चिकित्सा मानकों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के लिहाज से चारों नवजातों को तुरंत अस्पताल की 'नवजात गहन चिकित्सा इकाई' (NICU) में शिफ्ट कर दिया गया है। बाल रोग विशेषज्ञों और डॉक्टरों की एक विशेष टीम बच्चों के स्वास्थ्य और उनकी स्थिति पर चौबीसों घंटे पैनी नजर बनाए हुए है और उन्हें जरूरी मेडिकल केयर दी जा रही है।
इन चार बच्चों के पिता अरुण कश्यप के लिए यह दोहरी खुशी का मौका है, क्योंकि वे इसी राजकीय जनाना अस्पताल में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत हैं। अपनी खुशी का इजहार करते हुए अरुण कश्यप ने कहा:
"यह सब पूरी तरह से भगवान की मर्जी और उनका आशीर्वाद है। हमारे घर में पहले से एक बेटा था, इसलिए मैंने इस बार केवल एक बेटी की उम्मीद की थी, लेकिन ऊपर वाले ने मुझे तीन बेटियां और एक बेटा एक साथ दे दिया। भगवान ने हमें जो भी दिया है, हम उससे बेहद खुश हैं।"
अरुण और ज्योति कश्यप का विवाह वर्ष 2019 में हुआ था। यह ज्योति की दूसरी डिलीवरी थी। इस अनूठे प्रसव से पहले इस दंपति का एक 5 साल का बेटा भी है, जिसका नाम हर्ष है। अब एक साथ चार और बच्चों के आ जाने से इस परिवार में बच्चों की संख्या बढ़कर 5 हो गई है। अस्पताल में ज्योति को बधाई देने और बच्चों की एक झलक पाने के लिए स्थानीय लोगों और स्टाफ का तांता लगा हुआ है।