हरमनप्रीत के फैसले के बाद भारतीय महिला टीम के अगले कप्तान को लेकर चर्चा तेज हो गई है। टीम की उपकप्तान और अनुभवी बल्लेबाज स्मृति मंधाना को उनकी जगह कप्तानी की जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, अंतिम फैसला BCCI और टीम मैनेजमेंट की ओर से लिया जाना बाकी है।
बताया गया कि गुवाहाटी में BCCI की बैठक में हरमनप्रीत कौर, उपकप्तान स्मृति मंधाना और मुख्य कोच अमोल मजूमदार शामिल हुए थे। बैठक में टीम के भविष्य, नेतृत्व और आने वाली चुनौतियों को लेकर चर्चा हुई।
इसी बैठक के अगले दिन हरमनप्रीत ने सोशल मीडिया के जरिए कप्तानी छोड़ने का ऐलान कर दिया। उन्होंने अपने संदेश में साफ किया कि यह फैसला उनके लिए आसान नहीं था। कप्तानी के दौरान मिले अनुभवों और टीम के साथ बिताए वर्षों को याद करते हुए उन्होंने भावुक संदेश लिखा।
हरमनप्रीत ने लिखा, "आज मैं सभी फॉर्मेट में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी छोड़ रही हूं। यह आसान फैसला नहीं है। इसमें सालों की यादें, भावनाएं, त्याग और ऐसे पल जुड़े हैं, जो जिंदगीभर मेरे साथ रहेंगे।"
हरमनप्रीत कौर के कप्तानी करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में भारत को पहली बार महिला वनडे वर्ल्ड कप जिताना शामिल है। 2025 में भारतीय महिला टीम ने पहली बार वनडे वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया और हरमनप्रीत वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली भारतीय महिला कप्तान बनीं।
यह उपलब्धि उनके कप्तानी करियर का ऐतिहासिक पड़ाव रही। लंबे समय से भारतीय महिला क्रिकेट टीम को विश्व कप खिताब का इंतजार था। हरमनप्रीत की कप्तानी में टीम ने इस इंतजार को खत्म किया और भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में नया अध्याय जोड़ा।
हरमनप्रीत की कप्तानी में भारतीय टीम ने कई महत्वपूर्ण टूर्नामेंट जीते। उनकी कप्तानी में भारत ने 2012, 2016, 2022 और 2026 में एशिया कप का खिताब हासिल किया।
हालांकि 2012 एशिया कप में हरमनप्रीत ने केवल फाइनल मुकाबले में टीम की कप्तानी की थी। टूर्नामेंट के बाकी मैचों में मिताली राज ने भारतीय टीम की कमान संभाली थी। इसके बावजूद हरमनप्रीत के कप्तानी करियर में एशिया कप की उपलब्धियों का खास स्थान रहा।
कप्तानी के अलावा हरमनप्रीत की बल्लेबाजी ने भी भारतीय महिला क्रिकेट को कई यादगार पल दिए हैं। 2017 महिला वनडे वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 171 रन की तूफानी पारी खेली थी।
हरमनप्रीत की इस पारी के दम पर भारत ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। यह महिला क्रिकेट के इतिहास की सबसे चर्चित पारियों में गिनी जाती है। इस पारी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में हरमनप्रीत की पहचान को और मजबूत किया।
हरमनप्रीत ने 2018 में न्यूजीलैंड के खिलाफ T20 इंटरनेशनल मुकाबले में शतक लगाया था। वह T20I क्रिकेट में शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बनी थीं।
उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और बड़े मुकाबलों में प्रदर्शन करने की क्षमता ने उन्हें भारतीय महिला क्रिकेट की प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल किया। कप्तानी के दौरान भी वह टीम के लिए अहम बल्लेबाज और ऑलराउंडर की भूमिका निभाती रहीं।
हरमनप्रीत के नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कई अनोखे रिकॉर्ड भी दर्ज हैं। वह दुनिया की पहली क्रिकेटर बनीं, जिन्होंने 200 इंटरनेशनल T20 मैच खेले।
इसके बाद फरवरी 2026 में उन्होंने महिला क्रिकेट में सबसे ज्यादा इंटरनेशनल मैच खेलने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। उस समय उनके नाम कुल 382 अंतरराष्ट्रीय मैच दर्ज थे।
सितंबर 2026 में हरमनप्रीत ने एक और बड़ा रिकॉर्ड बनाया। वह 150 T20 इंटरनेशनल मुकाबलों में कप्तानी करने वाली दुनिया की पहली क्रिकेटर बनीं। यह उपलब्धि उनके लंबे और सफल अंतरराष्ट्रीय करियर को दर्शाती है।
भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान को देखते हुए हरमनप्रीत कौर को कई बड़े सम्मान भी मिले हैं। वर्ष 2017 में उन्हें क्रिकेट के लिए अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
इसके बाद 2026 में उन्हें देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से सम्मानित किया गया। क्रिकेट के मैदान पर उपलब्धियों और भारतीय महिला क्रिकेट में योगदान के कारण उन्हें यह सम्मान मिला।
हरमनप्रीत के कप्तानी छोड़ने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि भारतीय महिला टीम की अगली कप्तान कौन होगी। टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना इस दौड़ में सबसे आगे मानी जा रही हैं। स्मृति पहले भी अलग-अलग मौकों पर भारतीय टीम की कप्तानी कर चुकी हैं।
ऐसे में अगर BCCI उन्हें तीनों फॉर्मेट की कमान सौंपता है तो भारतीय महिला क्रिकेट में नेतृत्व का नया दौर शुरू होगा। दूसरी ओर हरमनप्रीत के सामने अब खिलाड़ी के तौर पर टीम में अपनी भूमिका जारी रखने का विकल्प रहेगा।
हरमनप्रीत का कप्तानी छोड़ने का फैसला ऐसे समय में आया है, जब भारतीय महिला क्रिकेट टीम लगातार बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट और सीरीज की तैयारी कर रही है। उनके नेतृत्व में टीम ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं। अब भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की नजर BCCI के अगले फैसले और नई कप्तान के ऐलान पर रहेगी।