भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) अपने पूर्व खिलाड़ियों के लिए पेंशन योजना चलाता है, जो दुनिया के कई बड़े क्रिकेट बोर्डों से अलग और खास मानी जाती है। वर्ष 2022 में बोर्ड ने पेंशन राशि में बढ़ोतरी की थी और पांच अलग-अलग श्रेणियों की घोषणा की थी। हालांकि, BCCI ने आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया था कि किस श्रेणी के खिलाड़ी को कौन-सी राशि मिलेगी। इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर पेंशन का संभावित वर्गीकरण इस प्रकार माना जाता है।
फर्स्ट क्लास क्रिकेटर: ₹30,000 प्रति माह।
2003 से पहले रिटायर हुए फर्स्ट क्लास क्रिकेटर: ₹45,000 प्रति माह।
पूर्व महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर: ₹52,500 प्रति माह।
पूर्व टेस्ट क्रिकेटर: ₹60,000 प्रति माह।
25 या उससे अधिक टेस्ट मैच खेलने वाले पूर्व क्रिकेटर: ₹70,000 प्रति माह।
इसके अलावा, कम से कम 10 फर्स्ट क्लास मैच खेल चुके रिटायर खिलाड़ियों को चिकित्सा सहायता के तहत 10 लाख रुपये तक का मेडिकल रिइम्बर्समेंट भी दिया जाता है।
भारत के दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और महेंद्र सिंह धोनी 25 से अधिक टेस्ट मैच खेल चुके हैं। इसलिए वे BCCI की सर्वोच्च पेंशन श्रेणी में आते हैं और उन्हें ₹70,000 प्रति माह पेंशन मिलती है। इसी श्रेणी में भारत के अन्य कई पूर्व टेस्ट क्रिकेटर भी शामिल हैं, जिन्होंने 25 से ज्यादा टेस्ट मुकाबले खेले हैं।
BCCI ने पूर्व खिलाड़ियों के लिए पेंशन योजना की शुरुआत 2004 में की थी। उस समय 174 पूर्व खिलाड़ियों और अधिकारियों को ₹5,000 प्रति माह पेंशन देने का फैसला लिया गया था। शुरुआती दौर में इस योजना का लाभ पाने के लिए कम से कम एक टेस्ट मैच खेलना जरूरी था, लेकिन बाद में इसका दायरा बढ़ाकर फर्स्ट क्लास क्रिकेटरों को भी शामिल किया गया।
आज यह योजना भारतीय क्रिकेट के उन खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण सहारा मानी जाती है, जिन्होंने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलकर भारतीय क्रिकेट में योगदान दिया। यही वजह है कि BCCI की यह पहल दुनिया के सबसे व्यापक खिलाड़ी कल्याण कार्यक्रमों में से एक मानी जाती है।