कोलंबो टेस्ट में श्रीलंका की ओर से मध्यक्रम के बल्लेबाज सोनल दिनूषा ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया:
शानदार बल्लेबाजी: दिनूषा ने पहली पारी में संघर्ष करते हुए 103 रन बनाए थे। इसके बाद फॉलोऑन खेलते हुए दूसरी पारी में भी उन्होंने नाबाद 133 रनों की यादगार पारी खेली।
दिग्गजों के क्लब में शामिल: दोनों पारियों में शतक लगाकर दिनूषा भारत के खिलाफ एक ही टेस्ट की दोनों पारियों में शतक जड़ने वाले चुनिंदा बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए हैं।
चौथे दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका ने अपनी दूसरी पारी में 6 विकेट खोकर 229 रन बनाए थे और उसके पास महज 16 रनों की बढ़त थी:
निचले क्रम का कड़ा संघर्ष: मैच के पांचवें और आखिरी दिन भारतीय गेंदबाजों को बचे हुए 4 विकेट हासिल करने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने आखिरी दिन 81.2 ओवर में केवल 3 विकेट गंवाए और बोर्ड पर 200 रन और जोड़ दिए।
आपसी सहमति से ड्रॉ: श्रीलंका ने जब 9 विकेट पर 429 रन बना लिए और उसकी कुल बढ़त 216 रन की हो गई, तब दिन के खेल में केवल 17 ओवर शेष बचे थे। जीत की संभावना समाप्त होते देख दोनों टीमों के कप्तानों ने आपसी सहमति से मैच ड्रॉ घोषित कर दिया।
इससे पहले भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए देवदत्त पडिक्कल (117) और ध्रुव जुरेल (115*) के शतकों की बदौलत अपनी पहली पारी 503/9 के स्कोर पर घोषित की थी।
श्रीलंका की पहली पारी 290 पर सिमटी: जवाब में श्रीलंका की पहली पारी केवल 290 रनों पर ढेर हो गई थी, जिससे भारत को 213 रनों की विशाल पहली पारी की बढ़त हासिल हुई।
गिल ने दिया था फॉलोऑन: नियम के अनुसार, पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम के पास 200 या उससे अधिक रनों की बढ़त होने पर विपक्षी टीम को फॉलोऑन देने का अधिकार होता है। भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने श्रीलंका को दोबारा बल्लेबाजी का न्योता दिया, लेकिन मेजबान टीम दूसरी पारी में मैच बचा ले गई।