Cricket

राजस्थान के जय मूंदड़ा का आयरलैंड क्रिकेट टीम में चयन, 26 जून को भारत के खिलाफ T20 सीरीज में उतरेंगे मैदान पर

टोंक: राजस्थान के टोंक जिले के रहने वाले 28 वर्षीय जय मूंदड़ा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जय का चयन आयरलैंड की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम में हुआ है। सबसे दिलचस्प और रोमांचक बात यह है कि आगामी 26 जून से शुरू होने वाली भारत और आयरलैंड के बीच टी20 (T20) सीरीज में जय मूंदड़ा अपनी जन्मभूमि यानी भारत की टीम के खिलाफ ही खेलते हुए नजर आएंगे। इस खबर के बाद से ही टोंक सहित पूरे राजस्थान में खुशी का माहौल है।

 

स्टूडेंट वीजा पर गए थे आयरलैंड, 2025 में मिली वहां की नागरिकता

जय मूंदड़ा की टोंक से आयरलैंड की राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने का सफर बेहद प्रेरणादायक और संघर्षपूर्ण रहा है:

  • पढ़ाई के लिए गए थे विदेश: जय साल 2021 में एम.टेक (M.Tech) की उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए स्टूडेंट वीजा पर आयरलैंड गए थे।

  • नागरिकता और टीम में चयन: पढ़ाई पूरी करने के साथ ही उन्होंने वहां नौकरी करना शुरू किया। उनकी खेल प्रतिभा लगातार निखरती रही और साल 2025 में उन्हें आयरलैंड की नागरिकता (Citizenship) मिल गई। जय की आक्रामक गेंदबाजी (Bowling) और शानदार बल्लेबाजी (Batting) के बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन को देखते हुए अब उन्हें आयरलैंड की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम में शामिल किया गया है।

 

टोंक में परिवार में जश्न का माहौल; मां संभालती हैं फैमिली बिजनेस

जय की इस ऐतिहासिक सफलता पर टोंक शहर में रहने वाले उनके परिवार और रिश्तेदारों की खुशी का ठिकाना नहीं है। घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है:

  • गौरव का क्षण: जय की मां विद्या, जो वर्तमान में अपने परिवार का बिजनेस (व्यवसाय) संभालती हैं, ने इस अचीवमेंट पर गहरा हर्ष व्यक्त किया है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि देश-दुनिया में आज उनके बेटे के नाम की चर्चा हो रही है, जो पूरे परिवार के लिए बेहद गर्व का पल है।

 

'पिता का सपना हुआ पूरा, आज होते तो बहुत खुश होते'

जय की मां विद्या ने इस सफलता के पीछे छुपे एक भावुक पहलू को भी साझा किया, जिसने जय को हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा दी:

  • स्वर्गीय पिता का था ख्वाब: विद्या ने बताया कि जय के पिता गिरिराज मूंदड़ा का पूर्व में निधन हो चुका है। जय के पापा का हमेशा से यह सपना था कि उनका बेटा बड़ा होकर एक बेहतरीन और बड़ा क्रिकेटर बने। आज उनके बेटे ने उस सपने को हकीकत में बदल दिया है। मां ने कहा, "अगर जय के पिता आज हमारे बीच जीवित होते, तो अपने बेटे की इस अंतरराष्ट्रीय सफलता को देखकर बेहद गर्व महसूस करते।"

 

भारत नहीं तो आयरलैंड सही, मेहनत को मिली असल पहचान

जय के परिवार का मानना है कि खेल और खिलाड़ी के लिए देश की सीमाओं से ज्यादा उसकी मेहनत और खेल की कद्र होना मायने रखती है:

  • मेहनत को मिला मुकाम: हालांकि जय भारत की जगह अब आयरलैंड की जर्सी पहनकर मैदान पर उतरेंगे, लेकिन परिवार को इस बात की सबसे ज्यादा खुशी है कि जय की बरसों की कठिन मेहनत और लगन को आखिरकार एक सही पहचान मिली है। उन्हें एक अंतरराष्ट्रीय टीम में प्रतिनिधित्व करने और अपनी प्रतिभा दिखाने का एक ऐतिहासिक मंच प्राप्त हुआ है।

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