कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए शुक्रवार का दिन शानदार रहा। भारतीय जूडो खिलाड़ी अस्मिता डे ने इतिहास रचते हुए देश को जूडो में पहला स्वर्ण पदक दिलाया। महिला 48 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में उन्होंने कनाडा की खिलाड़ी को रोमांचक मुकाबले में गोल्डन स्कोर के जरिए हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। यह जीत भारतीय जूडो के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।
अस्मिता का फाइनल मुकाबला शुरुआत से ही बेहद कड़ा रहा। निर्धारित समय तक दोनों खिलाड़ियों के बीच कोई निर्णायक बढ़त नहीं बन सकी, जिसके बाद मुकाबला गोल्डन स्कोर में पहुंचा। अतिरिक्त समय में अस्मिता ने शानदार तकनीक का प्रदर्शन करते हुए निर्णायक अंक हासिल किया और स्वर्ण पदक जीत लिया। उनकी इस जीत के साथ भारत के खाते में चौथा गोल्ड मेडल जुड़ गया।
इस स्वर्ण पदक के बाद भारत ने पदक तालिका में भी सुधार किया है। भारतीय दल अब 4 स्वर्ण, 10 रजत और 4 कांस्य सहित कुल 18 पदकों के साथ नौवें स्थान पर पहुंच गया है। आने वाले मुकाबलों में भारत के पास पदकों की संख्या और बढ़ाने का शानदार अवसर है।
जूडो में भारत का शानदार प्रदर्शन यहीं नहीं रुका। पुरुषों के 60 किलोग्राम भार वर्ग के सेमीफाइनल में हर्ष सिंह ने ऑस्ट्रेलिया के पेड्रो कार्लोस एंटुन नेटो को हराकर फाइनल में जगह बनाई। इस जीत के साथ उन्होंने भारत के लिए कम से कम रजत पदक सुनिश्चित कर लिया। अब उनसे भी स्वर्ण पदक की उम्मीद की जा रही है। वहीं, अस्मिता डे ने सेमीफाइनल में स्कॉटलैंड की समर शॉ को भी गोल्डन स्कोर में हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया था।
दूसरी ओर, भारतीय मुक्केबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए कम से कम पांच रजत पदक पक्के कर दिए हैं। सभी पांच मुक्केबाज अपने-अपने वर्ग के फाइनल में पहुंच चुके हैं और अब उनका लक्ष्य स्वर्ण पदक जीतना होगा।
पुरुषों के 55 किलोग्राम भार वर्ग में जादुमणि सिंह ने नामीबिया के फिलिप हाउसेब को हराकर फाइनल में प्रवेश किया। इससे पहले महिला 54 किलोग्राम वर्ग में प्रीति पवार ने जाम्बिया की कैथरीन म्वापे को 5-0 के एकतरफा अंतर से हराकर फाइनल में जगह बनाई।
महिला 57 किलोग्राम वर्ग में जैस्मीन लम्बोरिया ने लेसोतो की रेप्लेंग मसेला को रेफरी स्टॉप्ड कॉन्टेस्ट (RSC) के आधार पर हराकर स्वर्ण पदक मुकाबले में प्रवेश किया। वहीं, पुरुषों के 80 किलोग्राम वर्ग में अंकुश पंघाल ने कनाडा के जोशुआ ओफोरी को 5-0 से हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया। अंकुश ने तीनों राउंड में दबदबा बनाए रखा और शानदार जीत दर्ज की।
भारत के खिलाड़ियों के इस बेहतरीन प्रदर्शन से देश की स्वर्ण पदकों की उम्मीदें और मजबूत हुई हैं। अब जूडो और बॉक्सिंग के फाइनल मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ी स्वर्ण जीतकर देश की पदक संख्या में और इजाफा करने की कोशिश करेंगे।