जयपुर: जयपुर के वाटिका क्षेत्र से गिरफ्तार की गई जैश-ए-मोहम्मद की कथित महिला स्लीपर सेल बबीता धाकड़ उर्फ 'खदीजा' को आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) की सात दिन की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद गुरुवार को अदालत में पेश किया गया। न्यायालय अपर सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-11 जयपुर महानगर द्वितीय ने आरोपी बबीता को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए हैं। अब इस मामले में बबीता को आगामी 29 जून को दोबारा अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा। कोर्ट परिसर में पेशी के दौरान जब मीडियाकर्मियों ने बबीता से सवाल पूछने चाहे, तो वह लगातार अपना चेहरा छिपाती नजर आई।
सख्त सुरक्षा घेरे के बीच आरोपी महिला को जयपुर की स्थानीय अदालत में लाया गया, जहां कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई:
जेल भेजने के आदेश: एटीएस ने बबीता को सात दिनों तक अपनी कस्टडी में रखकर गहन पूछताछ की थी। रिमांड की अवधि समाप्त होने पर उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल (न्यायिक अभिरक्षा) भेज दिया गया।
अदालत तय करेगी अगली रूपरेखा: मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां बबीता पर कड़ी नजर रख रही हैं। अब 29 जून को होने वाली अगली पेशी के दौरान जांच एजेंसियां अपनी अगली कानूनी कार्रवाई की रिपोर्ट कोर्ट को सौंपेंगी।
कड़ी सुरक्षा और बंद कमरों में हुई पूछताछ के दौरान जांच एजेंसियों के हाथ कई चौंकाने वाले और बेहद महत्वपूर्ण सुराग लगे हैं:
ब्रेनवॉश किए जाने का शक: केंद्रीय और राज्य स्तरीय जांच एजेंसियों के अनुसार, बबीता पिछले करीब दो साल से लगातार जैश-ए-मोहम्मद के सक्रिय नेटवर्क और हैंडलर्स के संपर्क में थी।
फिदायीन हमले की आशंका: पूछताछ के आधार पर सुरक्षा एजेंसियों ने आशंका जताई है कि बबीता का इस कदर ब्रेनवॉश किया जा चुका था कि उसे देश के किसी बड़े हिस्से में आत्मघाती (फिदायीन) हमले को अंजाम देने के लिए मानसिक और तकनीकी रूप से तैयार किया जा रहा था।
इस हाईप्रोफाइल आतंकी साजिश के तार सीधे तौर पर सीमा पार पाकिस्तान से जुड़े होने के पुख्ता सबूत मिले हैं:
इंटरनेट पर खोजी जा रही थी मौत की सामग्री: जांच में यह बड़ा खुलासा हुआ है कि बबीता ने अपने मोबाइल और कंप्यूटर के जरिए इंटरनेट पर आत्मघाती हमलों (Suicide Attacks) और आईईडी (IED) ब्लास्ट से जुड़े संवेदनशील विषयों की विस्तृत जानकारी और तरीके खोजे थे।
पाकिस्तानी हैंडलर्स का जाल: सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान में सुरक्षित बैठे जैश-ए-मोहम्मद के आका और आतंकी हैंडलर्स बबीता को सीधे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स, एन्क्रिप्टेड चैटिंग ऐप्स और डार्क वेब के जरिए ट्रेनिंग दे रहे थे। एटीएस अब बबीता के डिजिटल फुटप्रिंट्स और सोशल मीडिया लॉग्स की गहराई से फॉरेंसिक जांच करवा रही है ताकि राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों में फैले इसके पूरे नेटवर्क को नेस्तनाबूद किया जा सके।