बड़कोट रेंज (देहरादून), 22 मार्च 26,अंतरराष्ट्रीय गुर्जर महासभा उत्तराखंड इकाई द्वारा 22 मार्च को अंतरराष्ट्रीय गुर्जर दिवस का आयोजन बड़कोट रेंज, देहरादून एयरपोर्ट के समीप स्थित बस्ती में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष श्री मोहम्मद रफी गुर्जर के नेतृत्व में हुआ, जिसमें बस्ती के पुरुषों, महिलाओं एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कर्नल देव आनंद गुर्जर रहे।
विशिष्ट अतिथियों के रूप में राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष कमांडो मुकेश डोई, उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड प्रभारी श्री बालेश चौधरी गुर्जर, उत्तराखंड प्रदेश प्रभारी श्री जगतपाल, प्रदेश सचिव श्री नरेंद्र गुर्जर, संरक्षक श्री भंवर लाल गुर्जर तथा श्री महेंद्र धामा उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वक्ताओं ने गुर्जर समाज के स्वर्णिम इतिहास पर प्रकाश डालते हुए वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की। समाज के वंचित वर्गों के उत्थान, शिक्षा के प्रसार और सामाजिक एकता पर विशेष जोर दिया गया।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि कर्नल देव आनंद गुर्जर ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में गुर्जर-बकरवाल समुदाय को पूर्ण अनुसूचित जनजाति (ST) आरक्षण, एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम तथा वन अधिकार अधिनियम 2006 के लागू किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने मांग उठाई कि उत्तराखंड में निवास कर रहे लगभग 60-70 हजार वन गुर्जरों को भी अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिया जाए, ताकि वे सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
कर्नल गुर्जर ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता है। उन्होंने समाज की प्रगति के लिए शिक्षा को सबसे महत्वपूर्ण बताते हुए सभी से वन गुर्जर समुदाय के बच्चों को शिक्षित करने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। उन्होंने वन गुर्जरों के लिए स्थायी पुनर्वास योजना लागू करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने गेंडा, खत्ता और पथरी जैसी पूर्व योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जंगलों में रह रहे वन गुर्जरों को स्थायी निवास, मूलभूत सुविधाएं और पंचायत चुनाव में मतदान का अधिकार सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी कर सकें और मुख्यधारा से जुड़ सकें।
उन्होंने जानकारी दी कि इन मांगों को लेकर उत्तराखंड के वन मंत्री को ज्ञापन भी सौंपा गया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद रफी गुर्जर ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज को शिक्षित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने संकल्प लिया कि वे समाज के उत्थान के लिए शिक्षा को प्राथमिकता देंगे और राष्ट्रहित में सदैव खड़े रहेंगे।