नई दिल्ली: NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में जारी छात्र आंदोलन के बीच बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के अपने पद से इस्तीफे की घोषणा करते ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच जश्न का माहौल बन गया।
जंतर-मंतर पर उपस्थित छात्रों ने "छात्र एकता जिंदाबाद" के जमकर नारे लगाए और उल्लास के बीच राष्ट्रगान गाया। इस दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों ने एक भावुक क्षण भी साझा किया और नीट पेपर लीक विवाद के बाद तनाव में अपनी जान गंवाने वाले मृत विद्यार्थियों की याद में 2 मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
एक तरफ जंतर-मंतर पर जश्न चल रहा था, वहीं दूसरी ओर दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच बातचीत का दौर जारी रहा।
सरकारी प्रतिनिधिमंडल: बैठक में सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह शामिल हुए।
CJP प्रतिनिधिमंडल: छात्रों एवं पार्टी की ओर से सौरभ दास और आशुतोष रांका ने बातचीत की मेज पर मोर्चा संभाला।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर आते ही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने सरकार पर तंज कसते हुए कड़ा बयान दिया:
"क्या कह रहे थे, इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते? झुकाती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए! मंत्री का इस्तीफा तो हो गया है, लेकिन हमारी दो और मांगें हैं, वह भी पूरी होनी चाहिए।"
अभिजीत दीपके ने आगे अपने तेवर स्पष्ट करते हुए कहा, "सुबह हो गई मामू, जनता जाग गई। हम ऐसे नहीं जाएंगे; कॉकरोच एक बार घुसता है तो आसानी से निकलता नहीं है।"
CJP ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा उनकी प्रमुख मांगों में से एक था, लेकिन आंदोलन तब तक पूरी तरह खत्म नहीं होगा जब तक सरकार उनकी अन्य मांगों पर भी ठोस कदम नहीं उठाती:
मुआवजा: नीट धांधली के कारण जान गंवाने वाले पीड़ित छात्रों के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा।
केस वापसी व कार्रवाई नहीं: प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी कानूनी मामलों को वापस लिया जाए और भविष्य में उन पर कोई कानूनी कार्रवाई न की जाए।