बूंदी: राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को बूंदी जिले की इंद्रगढ़ तहसील के गुहाटा गांव का दौरा किया। यहाँ उन्होंने राज्य सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी 'राम जल सेतु लिंक परियोजना' के तहत निर्माणाधीन चंबल एक्वाडक्ट (Chambal Aqueduct) के कार्यों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह परियोजना प्रदेश की 40 फीसदी आबादी के लिए भाग्य रेखा साबित होगी।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राम जल सेतु लिंक परियोजना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
लाभार्थी क्षेत्र: इस परियोजना से पूर्वी राजस्थान के 17 जिलों को पेयजल और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा।
विशाल प्रभाव: प्रदेश की लगभग 40% जनसंख्या प्रत्यक्ष रूप से इस योजना से लाभान्वित होगी, जिससे क्षेत्र की आर्थिक और कृषि स्थिति में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।
मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने परियोजना के तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी। चंबल एक्वाडक्ट इस पूरी योजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है:
लोकेशन: यह कोटा के पीपल्दा समेल गांव और बूंदी के गुहाटा गांव के बीच चंबल नदी पर बनाया जा रहा है।
लंबाई: इसकी कुल लंबाई 2,280 मीटर है।
तकनीक: इसका निर्माण 5,060 पाइलों और 77 पाइल कैपों पर किया जा रहा है, जिसमें 384 गोलाकार पीयर (खंभे) होंगे।
दोहरा लाभ: इसके जरिए चंबल नदी के ऊपर से जल का प्रवाह किया जाएगा, साथ ही यह आमजन के लिए आवागमन का मार्ग (पुल) भी प्रदान करेगा।
श्री शर्मा ने निर्माण कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन साथ ही अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश भी दिए।
नियमित मॉनिटरिंग: मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी निर्माण स्थल की नियमित जांच करें ताकि गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।
डेडलाइन: उन्होंने जोर दिया कि परियोजना के सभी चरण निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं ताकि जनता को जल्द इसका लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर एक्वाडक्ट पीयर का विधिवत पूजन किया और प्रोजेक्ट साइट पर लगाई गई विकास कार्यों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने साइट पर पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया, जो जल संरक्षण की इस मुहिम का एक अभिन्न हिस्सा है।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ राज्य सरकार के कई वरिष्ठ सदस्य मौजूद रहे, जिनमें शामिल थे:
श्री सुरेश सिंह रावत (जल संसाधन मंत्री)
श्री हीरालाल नागर (ऊर्जा राज्य मंत्री, स्वतंत्र प्रभार)
श्री अभय कुमार (अतिरिक्त मुख्य सचिव, जल संसाधन)