कांग्रेस ने इस आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में ले जाने की एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है:
सम्मेलन का शेड्यूल: 17 जून को कोटा में होने वाले पहले स्टूडेंट सम्मेलन के बाद, 10 जुलाई को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में अगला सम्मेलन होगा। इसके बाद 11 जुलाई को बिहार की राजधानी पटना और 14 जुलाई को देश की राजधानी दिल्ली में विशाल छात्र सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा।
राहुल गांधी बनेंगे युवाओं की आवाज: कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इस आंदोलन की आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा कि राहुल गांधी देश के छात्रों और युवाओं के हक के लिए लगातार आवाज उठा रहे हैं और आज वे इस देश के युवाओं के लिए सबसे विश्वसनीय आवाज बनकर उभरे हैं।
केसी वेणुगोपाल ने बताया कि इन सम्मेलनों का मुख्य उद्देश्य केवल राजनीतिक विरोध दर्ज कराना नहीं, बल्कि सीधे प्रभावित लोगों की आवाज को बुलंद करना है:
अनुभव साझा करने का मौका: इन स्टूडेंट सम्मेलनों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों, युवा संगठनों, शिक्षकों और पेपरलीक घोटालों से सीधे तौर पर प्रभावित हुए युवाओं को एक साथ लाया जाएगा।
युवाओं को मिलेगा मंच: इस मंच के जरिए भर्ती घोटालों और पेपरलीक के दंश को झेल रहे युवाओं को अपने कड़वे अनुभव और परेशानियां देश के सामने रखने का मौका मिलेगा।
कांग्रेस का आरोप है कि मौजूदा व्यवस्था के कारण देश के करोड़ों होनहार युवाओं का भविष्य अंधकार में धकेला जा रहा है:
भविष्य पर संकट: यह राष्ट्रव्यापी अभियान उन लाखों युवा भारतीयों की पीड़ा और समस्याओं को प्रमुखता से सामने लाएगा, जिनका भविष्य बार-बार होने वाले पेपर लीक, परीक्षाओं के फॉर्म और तैयारी की बढ़ती लागत, तथा एक निष्पक्ष व पारदर्शी भर्ती प्रणाली न होने की वजह से बर्बाद हो रहा है।
जवाबदेही तय करने की मांग: वेणुगोपाल ने कहा कि इन सम्मेलनों के माध्यम से बार-बार होने वाली परीक्षा विफलताओं और तंत्र की कमियों के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग सरकार से पुरजोर तरीके से की जाएगी।
इस आंदोलन को ब्लॉक और जिला स्तर तक ले जाने के लिए कांग्रेस ने अपनी सभी विंग्स को एक्टिव कर दिया है:
जमीनी स्तर पर रणनीति: इस बड़े देशव्यापी अभियान के तहत देश भर में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) और यूथ कांग्रेस (Youth Congress) के साथ-साथ सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटियों (PCC) और जिला कांग्रेस कमेटियों को विशेष जिम्मेदारी दी गई है।
शिक्षकों से संपर्क: पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी सीधे छात्रों और शिक्षकों से जमीनी स्तर पर संपर्क (कॉन्टैक्ट) करेंगे। उन्हें पेपरलीक के खिलाफ एकजुट और लामबंद करते हुए देश की परीक्षा प्रणाली में बड़े और कड़े सुधारों पर जोर दिया जाएगा।