अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 13वां दिन है। इजराइल को ईरान के साथ-साथ पड़ोसी देश लेबनान के उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह की चुनौती का भी सामना करना पड़ रहा है। टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक बुधवार को ईरान समर्थक हिजबुल्लाह ने इजराइल पर 150 मिसाइलें दागीं।
इजराइल के एयर डिफेंस सिस्टम ने ज्यादातर रॉकेट और मिसाइलों रोक दिया, लेकिन कुछ जगहों पर मलबा गिरने से आग लग गई। इसी बीच इजराइल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अलग-अलग हमलों में देश भर में पिछले 24 घंटे में 179 लोग घायल हुए हैं। जबकि जंग शुरू होने के बाद से अब तक कुल 2,745 लोग घायल हो चुके हैं।
उधर अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने कैलिफोर्निया के पुलिस विभाग को चेतावनी दी है कि ईरान, अमेरिका के पश्चिमी तट पर जवाबी हमला कर सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से इसकी जानकारी दी गई।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में GCC (गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल) के प्रस्ताव का भी समर्थन किया है। इस प्रस्ताव के साथ अब तक 135 देश जुड़ चुके हैं।
यह प्रस्ताव खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और हमलों को लेकर लाया गया है। इसका मुख्य मकसद इलाके में हालात को और बिगड़ने से रोकना, जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित रखना और ऊर्जा सप्लाई को बाधित होने से बचाना है।
प्रस्ताव में कहा गया है कि ईरान के ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं और इनसे वैश्विक शांति को गंभीर खतरा है। इसमें इस बात पर भी चिंता जताई गई कि हमलों में रिहायशी इलाकों और आम नागरिकों को निशाना बनाया गया, जिससे जान-माल का काफी नुकसान हुआ है।
सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यों में से 13 देशों ने इस प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया। किसी भी देश ने इसके विरोध में वोट नहीं किया। हालांकि, रूस और चीन ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया और वे इससे दूर रहे। इस समय अमेरिका सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता कर रहा है।
विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि भारत ने ईरान के दिवंगत नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि दी थी। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि विदेश सचिव ने 5 मार्च को ईरानी दूतावास में जाकर शोक-पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए थे।
जायसवाल ने कहा कि शोक-पुस्तिका खुलने के पहले ही दिन विदेश सचिव ने भारत सरकार की ओर से यह औपचारिकता पूरी की थी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करने से पहले लोगों को जरूरी तथ्यों की जानकारी लेनी चाहिए। बिना जानकारी के की गई टिप्पणियों से बचना चाहिए।