India

बसों में अग्निकांड रोकने के लिए रालसा का बड़ा एक्शन: जयपुर में जजों ने खुद सड़कों पर उतरकर जांचीं लग्जरी बसें

जयपुर: राजस्थान में पिछले कुछ समय से चलती बसों में आग लगने (अग्निकांड) की बढ़ती दुखद घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए 'राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण' (रालसा) ने एक बड़ा कदम उठाया है। रालसा के निर्देश पर पूरे प्रदेश में लग्जरी बसों की सुरक्षा जांच का एक महीने का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस महाभियान के तहत जयपुर सहित राज्य के 7 प्रमुख शहरों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के सचिव, जो कि स्वयं न्यायिक अधिकारी (जज) हैं, जमीनी स्तर पर लंबी दूरी की लग्जरी बसों में सुरक्षा मानकों की कड़ाई से जांच कर रहे हैं।

इसी कड़ी में शुक्रवार को जयपुर महानगर प्रथम और द्वितीय के सचिवों (जजों) ने अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले हाईवे और बस स्टैंड्स पर औचक निरीक्षण कर नियमों की धज्जियां उड़ाने वाली बसों पर कड़ा प्रहार किया।

 

आगरा रोड पर मेट्रो-1 के सचिव का छापा

जयपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) मेट्रो-1 के सचिव और जज किशोर कुमार तालेपा ने शुक्रवार को आगरा रोड पर रिंग रोड के पास नाकाबंदी करवाकर लंबी दूरी की लग्जरी बसों की सघन चेकिंग की। निरीक्षण के दौरान कई बसों में जीवन रक्षक सुरक्षा मानकों (जैसे अग्निशामक यंत्र और आपातकालीन खिड़कियां) की घोर अनदेखी पाई गई। जज तालेपा ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सुरक्षा मानकों की पालना नहीं करने वाली 4 लग्जरी बसों को मौके पर ही सीज (जब्त) करने के आदेश दिए। इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाली 9 अन्य बसों के चालान काटे गए, जिनके जरिए करीब 5 लाख 26 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया।

 

भांकरोटा में आपातकालीन गेट के आगे मिलीं सीटें; मेट्रो-2 की सचिव ने दिखाई सख्ती

दूसरी तरफ, जयपुर विधिक सेवा प्राधिकरण महानगर द्वितीय की सचिव और जज पल्लवी शर्मा ने अपनी टीम के साथ अजमेर रोड स्थित भांकरोटा बस स्टैंड पर बसों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान बसों के भीतर यात्रियों की जान से खिलवाड़ का एक बड़ा मामला सामने आया। चेकिंग में पाया गया कि बस ऑपरेटरों ने लालच में आकर बसों के 'इमरजेंसी गेट' (आपातकालीन द्वार) और खिड़कियों के ठीक सामने अतिरिक्त सीटें और स्लीपर बर्थ लगा रखी थीं, जिससे आपातकाल में यात्रियों का बाहर निकलना नामुमकिन था।

 

जज पल्लवी शर्मा ने इस लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए मौके पर ही ऐसी 2 बसों को सीज करवा दिया और 7 बसों के चालान बनवाए।

 

जजों के कड़े निर्देश: 'केवल जुर्माना काफी नहीं, तुरंत सस्पेंड करें परमिट और फिटनेस'

भांकरोटा में कार्रवाई के दौरान सचिव पल्लवी शर्मा ने मौके पर मौजूद परिवहन विभाग (आरटीओ) और पुलिस के उच्च अधिकारियों को बेहद सख्त लहजे में दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले बस मालिकों पर केवल आर्थिक जुर्माना लगाना काफी नहीं है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन बसों में नियमों का गंभीर उल्लंघन पाया जाए, उनके परमिट और फिटनेस सर्टिफिकेट तुरंत निलंबित (Suspend) किए जाएं। इसके साथ ही, जिन बसों के मूल ढांचे में अवैध बदलाव (मॉडिफिकेशन) किया गया है, उन्हें तुरंत पुलिस थानों में जब्त किया जाए ताकि भविष्य में हादसों को टाला जा सके।

Similer Posts