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जयपुर को बड़ी सौगात: पीएम मोदी ने किया मेट्रो फेज-2 का शिलान्यास, 13,000 करोड़ की लागत से बदलेगी शहर की सूरत

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर के विकास में आज एक नया ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जयपुर मेट्रो के 41 किलोमीटर लंबे सेकेंड फेज (Phase-2) का भव्य शिलान्यास किया। प्रहलादपुरा से सीकर रोड टोडी तक प्रस्तावित इस महत्वाकांक्षी कॉरिडोर के निर्माण पर करीब 13 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

इस बेहद महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को आगामी साढ़े पांच साल में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। निर्माण कार्य को गति देने और समय पर पूरा करने के लिए पूरे काम को 5 अलग-अलग जोन में बांटा गया है।

 

15 साल का इंतजार और 5 बदलावों के बाद मिली मंजूरी

जयपुर मेट्रो के इस रूट का इतिहास काफी लंबा रहा है। इस रूट की पहली डीपीआर (DPR) साल 2011 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के दौरान तैयार की गई थी। इसके बाद पिछले 15 सालों में कांग्रेस और भाजपा सरकारों के कार्यकाल के दौरान इसके रूट और प्लानिंग में 5 बार बड़े बदलाव किए गए, जिस पर करीब 12 करोड़ रुपए का खर्च आया। आखिरकार, डेढ़ साल पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार ने इस परियोजना को अंतिम मंजूरी देकर धरातल पर उतारा।

 

एसएमएस स्टेडियम में लाइव प्रसारण: पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने जताया आभार

इस शिलान्यास कार्यक्रम का सीधा प्रसारण जयपुर के एसएमएस (SMS) स्टेडियम के इनडोर स्टेडियम में किया गया। इस मौके पर राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, यूडीएच (UDH) मंत्री झाबर सिंह खर्रा, जयपुर शहर सांसद मंजू शर्मा और स्थानीय विधायकों समेत भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा:

"मैं सबसे पहले सभी की ओर से प्रधानमंत्री का धन्यवाद करना चाहती हूं, जिन्होंने राजस्थान को एक नहीं बल्कि दो-दो बड़ी सौगातें दी हैं। प्रधानमंत्री जो भी काम शुरू करते हैं, उसे पूरा जरूर करते हैं। उनकी आदत काम को जल्दी खत्म करने की है। यह रूट बहुत लंबा है और इस पर खर्च भी अच्छा खासा होगा, लेकिन प्रधानमंत्री यह काम 5 साल के अंदर पूरा करेंगे ही करेंगे।"

राजे ने याद दिलाते हुए कहा कि 3 जून 2015 को भी प्रधानमंत्री ने ही जयपुर मेट्रो का शिलान्यास (कमर्शियल रन/फेज 1) किया था और आज फेज-2 की शुरुआत भी उन्हीं के हाथों हुई है। उन्होंने बाड़मेर रिफाइनरी का जिक्र करते हुए कहा कि 2016 में शुरू हुआ वह प्रोजेक्ट भी आज पचपदरा में पूरा होने की दिशा में पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि जयपुर सिर्फ प्रदेश की राजधानी नहीं बल्कि राजस्थान की पहचान है, इसलिए यहाँ के विकास का असर पूरे राज्य पर पड़ता है।

 

5 जोन में बंटा काम: जानिए रूट और स्टेशनों का पूरा गणित

मेट्रो अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस 41 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में कुल 36 स्टेशन बनाए जाएंगे। काम को सुचारू रूप से चलाने के लिए इसे 5 जोन में विभाजित किया गया है:

  • जोन 1 (काम शुरू): प्रहलादपुरा से पिंजरापोल गोशाला तक के 12 किलोमीटर हिस्से पर काम शुरू हो चुका है। इस पर ₹918 करोड़ खर्च होंगे।

  • जोन 2 (अंडरग्राउंड रूट): पिंजरापोल गोशाला से जवाहर सर्किल रोड एयरपोर्ट तक का 3 किमी लंबा कॉरिडोर पूरी तरह Underground (भूमिगत) होगा। इसमें दो स्टेशन प्रस्तावित हैं और इस पर करीब ₹1160 करोड़ की लागत आएगी। इसका टेंडर जारी हो चुका है, जो 22 जुलाई को खोला जाएगा।

  • शेष तीन जोन: बाकी बचे तीन जोन के लिए भी जल्द ही वर्क ऑर्डर जारी कर दिए जाएंगे।

 

फेज-1 में भी बड़ा बदलाव: खासाकोठी बनेगा मुख्य 'इंटरचेंज' हब

नए प्रोजेक्ट के साथ ही वर्तमान में चल रही मेट्रो लाइन (फेज-1) में भी एक बड़ा बदलाव किया गया है। बड़ी चौपड़ से मानसरोवर के बीच चल रही मेट्रो लाइन पर अब खासाकोठी में एक नया स्टेशन बनाया जाएगा।

  • इस बदलाव के बाद फेज-1 में स्टेशनों की संख्या 11 से बढ़कर 12 हो जाएगी।

  • खास बात यह है कि खासाकोठी पर ही फेज-2 का स्टेशन भी विकसित किया जाएगा।

  • इन दोनों स्टेशनों को 150 मीटर लंबे फुट ओवरब्रिज (FOB) से जोड़ा जाएगा, जिससे यात्रियों को एक लाइन से दूसरी लाइन में जाने (इंटरचेंज करने) में बेहद आसानी होगी।

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