बूंदी: राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर के औचक निरीक्षण के बाद बूंदी जिले के पंचायतीराज महकमे में जबरदस्त हड़कंप मच गया है। क्षेत्र में सफाई और विकास कार्यों की बदहाली देखकर नाराज हुए मंत्री के सख्त रुख के बाद विभाग ने एक साथ 11 ग्राम विकास अधिकारियों को निलंबित कर दिया है, जबकि 3 ब्लॉक विकास अधिकारियों समेत कई अन्य पर भी गाज गिरी है।
मंत्री के निर्देश के बाद ब्लॉक स्तर के शीर्ष अधिकारियों को भी नहीं बख्शा गया है और उन पर तुरंत एक्शन लिया गया है:
मुख्यालय बदला: कार्रवाई के तहत केशवरायपाटन के बीडीओ (BDO) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनका मुख्यालय जयपुर स्थानांतरित कर दिया गया है। वहीं तालेड़ा के बीडीओ को एपीओ (Awaiting Posting Orders) करते हुए जयपुर मुख्यालय रिपोर्ट करने के आदेश दिए गए हैं।
सीसीए की कार्रवाई: इसके अलावा, विभाग ने कुल 16 अधिकारियों के खिलाफ सीसीए (कंट्रोल, कॉपोरेशन एंड अपील्स) के तहत चार्जशीट देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन 16 अफसरों में हिंडोली, केशवरायपाटन और तालेड़ा के तीनों बीडीओ, तीनों पंचायत समितियों के नोडल अतिरिक्त विकास अधिकारी और सहायक अभियंता (AEN) शामिल हैं।
सफाई व्यवस्था में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर 'स्वच्छ भारत मिशन' (SBM) की पूरी टीम को ही साफ कर दिया गया है:
पद किए गए समाप्त: विभाग ने तालेड़ा, केशवरायपाटन और हिंडोली में कार्यरत स्वच्छ भारत मिशन के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर के पदों को ही पूरी तरह समाप्त कर दिया है।
नौकरी से निकाला: इसके साथ ही जिला कोऑर्डिनेटर (SBM) की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। कार्रवाई यहीं नहीं रुकी, तीनों पंचायत समितियों के सभी कनिष्ठ तकनीकी सहायकों (JTA) को भी तत्काल कार्यमुक्त (Relieved) कर दिया गया है।
पंचायतों का काम संभाल रहे प्रशासकों पर भी इस बड़ी कार्रवाई का सीधा असर देखने को मिला है:
पद से हटाया: जमीतपुरा, सुवास, रडी, भीया और धोबड़ा के प्रशासकों को गंभीर लापरवाही के चलते उनके पदों से तुरंत हटा दिया गया है।
मंगाया जवाब: इसके अलावा देलूंदा, सीनता, तीरथ, चडी, गुडली और लेसरदा के प्रशासकों को कारण बताओ (Show Cause) नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
जिन 11 ग्राम विकास अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है, उनकी सूची इस प्रकार है:
केशवरायपाटन ब्लॉक: गुडली, चडी, रडी, भीया और लेसरदा के वीडीओ।
तालेड़ा ब्लॉक: देलूंदा, सिंता, तीरथ, सुवास और जमीतपुरा के वीडीओ।
हिंडोली ब्लॉक: धोबड़ा के वीडीओ को निलंबित किया गया है।
इस महा-एक्शन के पीछे मंत्री मदन दिलावर का वो औचक निरीक्षण है, जिसने अधिकारियों की पोल खोलकर रख दी:
फिल्ड में उतरे थे मंत्री: हाल ही में मंत्री दिलावर ने बिना किसी पूर्व सूचना के केशवरायपाटन, तालेड़ा और हिंडोली पंचायत समितियों का औचक निरीक्षण किया था।
फैली थी गंदगी: इस दौरान ग्रामीण इलाकों और सरकारी दफ्तरों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह बदहाल और कचरे के ढेर पाए गए थे। इस पर मंत्री ने गहरी नाराजगी और असंतोष व्यक्त किया था, जिसके बाद यह ऐतिहासिक कार्रवाई अमल में लाई गई है। इस कार्रवाई से पूरे प्रदेश के पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों में हड़कंप का माहौल है।