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जयपुर में वीआईपी संस्कृति की भेंट चढ़ी मोमोज वाली: CM के काफिले से पहले पुलिस ने पलटा ठेला; खौलते पानी से झुलसी यूपी की बेटी

जयपुर: राजधानी जयपुर के रामनगरिया थाना क्षेत्र (जगतपुरा) में पुलिसकर्मियों की कथित बर्बरता का एक हैरान करने वाला मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि मुख्यमंत्री (CM) के काफिले के गुजरने से ठीक पहले सड़क किनारे से ठेला हटवाने के विवाद में पुलिसकर्मियों ने मोमोज बेचने वाली एक युवती के ठेले को धक्का देकर पलट दिया। इस छीनाझपटी में मोमोज बनाने के लिए उबल रहा खौलता हुआ पानी युवती पर जा गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गई। यह घटना 19 जून की शाम की है, जिसे लेकर 22 जून को पीड़िता की बहन ने स्थानीय थाने में नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है।

 

खौलते पानी से झुलसा शरीर; पीड़ित बहन बोली— 'समय मांगा, पर पुलिस ने नहीं सुनी'

अक्षय पात्र मंदिर के पास ठेला लगाने वाली पीड़िता रेशु गुप्ता की बड़ी बहन खुशबू ने पुलिस की इस बेरहमी की पूरी कहानी बयां की है:

  • तैयारी के समय पहुंचे पुलिसकर्मी: खुशबू ने बताया कि 19 जून की शाम करीब पौने सात बजे उसकी छोटी बहन रेशु गुप्ता रोज की तरह अपनी मोमोज की कार्ट (ठेला) लगाने की तैयारी कर रही थी। ग्राहकों के लिए मोमोज बनाने के वास्ते बर्तन में पानी गर्म हो रहा था।

  • जबरन धक्का देने से हुआ हादसा: इसी दौरान कुछ पुलिसकर्मी वहां पहुंचे और जबरन दुकान हटाने का दबाव बनाने लगे। रेशु ने पुलिसकर्मियों से गुहार लगाते हुए कहा, "अभी बर्तन में पानी बहुत गर्म है, इसे हटाने के लिए थोड़ा सा समय दे दो।" आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसकी एक न सुनी और जबरदस्ती कार्ट को पीछे धकेल दिया। इस दौरान ठेला पलटने से उबलता पानी रेशु पर गिर गया, जिससे उसका कंधा, सीना, जांघ और शरीर के कई हिस्से बुरी तरह जल गए।

 

पुलिस की सफाई— 'सीएम के काफिले के कारण हटवा रहे थे अतिक्रमण, दोनों तरफ से हुई उलझन'

मामले के तूल पकड़ने और एफआईआर दर्ज होने के बाद स्थानीय पुलिस ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर अपना पक्ष रखा है:

  • वीआईपी मूवमेंट का था समय: पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उस शाम जगतपुरा के महल रोड से मुख्यमंत्री का काफिला गुजरना तय था। सुरक्षा और नियमों के तहत काफिले के निकलने से कुछ मिनट पहले पुलिस की टीम सड़क किनारे लगे अवैध ठेलों और अतिक्रमण को हटवा रही थी।

  • एक-दूसरे पर मढ़ा दोष: पुलिस का कहना है कि इसी कार्रवाई के दौरान मोमोज बेचने वाली बहनें और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी आपस में उलझ गए। इस घटना और हादसे के लिए अब पुलिस और पीड़ित पक्ष दोनों ही एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

 

कोरोना में पिता को खोया; फिजियोथेरेपी की पढ़ाई और घर का खर्च चला रही थी रेशु

इस हादसे ने जयपुर में संघर्ष कर रहे एक प्रवासी परिवार के सामने आजीविका का बड़ा संकट खड़ा कर दिया है:

  • यूपी से जयपुर आया परिवार: खुशबू ने बताया कि उनका परिवार मूल रूप से अंबेडकर नगर (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला है। साल 2020 में कोरोना महामारी के दौरान उनके पिता का असमय निधन हो गया था, जिससे परिवार बेसहारा हो गया।

  • मेहनत की कमाई पर फिरा पानी: साल 2022 में खुशबू का जयपुर के एक प्राइवेट कॉलेज में फिजियोथेरेपी कोर्स में सिलेक्शन हुआ था, जिसके बाद उसकी पढ़ाई के लिए मां और छोटी बहन रेशु गुप्ता भी जयपुर शिफ्ट हो गए। जयपुर में घर का खर्च निकालने और खुशबू की पढ़ाई की फीस भरने के लिए छोटी बहन रेशु ने मोमोज का ठेला लगाना शुरू किया था। इसी एकमात्र दुकान की कमाई से पूरे परिवार का गुजर-बसर हो रहा था, जो अब इस हादसे के बाद बंद हो गई है।

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