India

संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से: सरकार पेश करेगी वंदे मातरम के अपमान पर रोक और FCRA संशोधन सहित 7 अहम बिल

दिल्ली: केंद्र सरकार ने आगामी 20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session) के लिए अपना विधायी एजेंडा पूरी तरह तय कर लिया है। समाचार एजेंसी पीटीआई (PTI) के मुताबिक, इस सत्र के दौरान लोकसभा में कुल 7 महत्वपूर्ण विधेयक (Bills) पेश किए जाएंगे।

संसद का यह मानसून सत्र 13 अगस्त तक चलेगा, जिसमें 25 दिनों की अवधि के भीतर कुल 19 बैठकें आयोजित की जाएंगी। सत्र की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को दिल्ली के कर्तव्य भवन में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के शीर्ष नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक भी हुई, जिसमें केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, शिवराज सिंह चौहान और ललन सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

 

वंदे मातरम का अपमान रोकने और विदेशी चंदे पर शिकंजे से जुड़े बिल होंगे पेश

सरकार द्वारा तैयार की गई बिलों की अस्थायी सूची में दो बेहद चर्चित और कड़े कानूनों में संशोधन के प्रस्ताव शामिल हैं:

  • राष्ट्रीय सम्मान के अपमान पर रोक (संशोधन) बिल: इस नए विधेयक के जरिए राष्ट्रीय प्रतीक चिह्नों के अनादर पर सख्त सजा का प्रावधान किया जा रहा है। इसके तहत राष्ट्रगीत 'वंडे मातरम' का जानबूझकर अपमान करने या उसके गायन के दौरान बाधा डालने को एक दंडनीय अपराध बनाने का प्रस्ताव है।

  • विदेशी चंदा नियमन (FCRA) संशोधन बिल: देश में आने वाले विदेशी फंड और फंडिंग की पारदर्शिता व जवाबदेही को और मजबूत करने के लिए विदेशी चंदा कानून में बदलाव का बिल भी सदन के पटल पर रखा जाएगा।

इसके अलावा, इस सूची में फिलहाल किसी भी बड़े संविधान संशोधन बिल, जैसे कि लोकसभा सीटों के परिसीमन (Delimitation) या नारी शक्ति संशोधन विधेयक का कोई जिक्र नहीं किया गया है।

 

NEET पेपर लीक से लेकर E20 ईंधन तक; इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष

एक तरफ जहां सरकार अपने विधायी कामकाज को निपटाने की तैयारी में है, वहीं दूसरी तरफ मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस सहित समूचा 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन सरकार को चौतरफा घेरने की रणनीति बना चुका है। विपक्ष इस सत्र में निम्नलिखित ज्वलंत मुद्दों को जोर-शोर से उठाने जा रहा है:

  • परीक्षाओं में धांधली: देशव्यापी NEET-UG पेपर लीक का मामला और अन्य सरकारी भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों को लेकर विपक्ष शिक्षा मंत्रालय और सरकार पर सीधा हमला बोलेगा।

  • अयोध्या विवाद: अयोध्या के राम मंदिर निर्माण के लिए मिलने वाले दान और जमीन सौदों से जुड़े कथित विवादों पर भी सदन में तीखी बहस होने के आसार हैं।

  • E20 ईंधन की समस्या: हाल ही में E20 (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) के इस्तेमाल से वाहनों के इंजन खराब होने और उपभोक्ताओं को आ रही दिक्कतों का मुद्दा भी संसद में गूंजेगा।

  • विदेश नीति: इसके साथ ही देश की मौजूदा विदेश नीति और वैश्विक कूटनीति के मोर्चे पर विपक्ष सरकार से जवाब मांगेगा।

दोनों पक्षों के कड़े रुख को देखते हुए यह साफ है कि 25 दिनों तक चलने वाला यह मानसून सत्र राजनीतिक रूप से काफी हंगामेदार और बहस से भरा रहने वाला है।

Similer Posts