कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत INDIA गठबंधन के कई सांसदों ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। विपक्षी सांसदों ने NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।
वहीं दूसरी ओर NDA सांसदों ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर 21 जुलाई को राहुल गांधी द्वारा दिए गए धरने के विरोध में प्रदर्शन किया। दोनों पक्षों के सांसद एक-दूसरे के सामने खड़े होकर नारेबाजी करते रहे। स्थिति ऐसी हो गई कि संसद परिसर कुछ समय के लिए राजनीतिक अखाड़े में तब्दील नजर आया।
प्रदर्शन के दौरान एक दिलचस्प और तनावपूर्ण स्थिति तब बनी जब प्रियंका गांधी वाड्रा विरोध प्रदर्शन कर रहे NDA सांसदों के काफी करीब पहुंच गईं। दोनों पक्षों के सांसदों के बीच दूरी कम होने पर सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप किया और बीच में आकर स्थिति को नियंत्रित किया। सुरक्षा अधिकारियों ने दोनों पक्षों को अलग-अलग स्थानों पर रहने की सलाह दी ताकि किसी तरह का टकराव न हो।
संसद परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन के साथ-साथ दोनों सदनों के भीतर भी गतिरोध जारी रहा। विपक्ष लगातार शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और NEET पेपर लीक पर चर्चा की मांग करता रहा। हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी।
बार-बार के व्यवधान को देखते हुए लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई। इससे पहले भी सत्र के दौरान कई बार कार्यवाही बाधित हो चुकी है।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में विपक्ष से चर्चा के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार NEET पेपर लीक मामले पर किसी भी समय, किसी भी अवधि और किसी भी प्रक्रिया के तहत चर्चा के लिए तैयार है।
रिजिजू ने कहा, "हमने कल भी विपक्ष से अनुरोध किया था और आज भी हाथ जोड़कर अपील कर रहे हैं कि वे तय करें कि चर्चा कब करनी है। सरकार पूरी तरह तैयार है। लेकिन विपक्ष लगातार शर्तें रख रहा है। यदि आप चर्चा चाहते हैं तो बहाने नहीं बनाने चाहिए।"
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष चर्चा से बचने का प्रयास कर रहा है और इस गंभीर मुद्दे का राजनीतिकरण किया जा रहा है। रिजिजू ने कहा कि देशभर में जहां-जहां परीक्षा से जुड़ी अनियमितताएं हुई हैं, उन सभी मामलों पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए।
राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार फास्ट-ट्रैक कोर्ट की बात कर रही है, लेकिन पहले उन नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करे जिन पर पहले गंभीर आरोप लगाए गए थे और बाद में उन्हें अपनी पार्टी में शामिल कर लिया गया।
सिब्बल ने सवाल उठाया कि ऐसे मामलों में केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई क्यों रुक जाती है। उन्होंने कहा कि छात्रों का आंदोलन पिछले कई सप्ताह से जारी है, लेकिन सरकार ने अब तक उनकी समस्याओं पर गंभीरता से संवाद नहीं किया।
उन्होंने कहा, "जब छात्र भूख हड़ताल पर बैठे थे तब सरकार चुप थी। अब जब देशभर में युवाओं का आक्रोश बढ़ रहा है, तब सरकार सक्रिय होने का दावा कर रही है।"
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री देश की हर उपलब्धि का श्रेय लेते हैं, लेकिन अब जिम्मेदारी लेने का समय आ गया है।
प्रियंका गांधी ने कहा, "देश के युवाओं ने मेहनत की, वैज्ञानिकों ने उपलब्धियां हासिल कीं, लेकिन हर सफलता का श्रेय सरकार लेती है। अब जब छात्रों के भविष्य से जुड़ा संकट सामने आया है तो जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।"
NEET पेपर लीक मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। एक ओर विपक्ष शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ है, वहीं सरकार चर्चा के लिए तैयार होने का दावा कर रही है। ऐसे में संसद का मानसून सत्र लगातार हंगामे की भेंट चढ़ रहा है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार और विपक्ष के बीच किसी सहमति का रास्ता निकलता है या आने वाले दिनों में संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक टकराव और तेज होगा।