नई दिल्ली। NEET-UG पेपर लीक मामले में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 47 अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि इन अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामले भी दर्ज किए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई NTA में व्यापक सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में शुरू किए गए अभियान का हिस्सा है।
सूत्रों के मुताबिक, पेपर लीक विवाद के बाद एजेंसी की कार्यप्रणाली की समीक्षा की जा रही है और आने वाले दिनों में कई अन्य सुधारात्मक फैसले भी लिए जा सकते हैं। सरकार का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाना है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
इस कार्रवाई से एक दिन पहले केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में भी बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया था। गुरुवार को मंत्रालय के दो सचिवों के विभागों में बदलाव किया गया। माना जा रहा है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार और जवाबदेही तय करने के लिए सरकार लगातार प्रशासनिक स्तर पर कदम उठा रही है।
NTA के अधिकारियों पर कार्रवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश के करीब 20 घंटे के भीतर हुई। प्रधानमंत्री ने 23 जुलाई की रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लगभग 2 मिनट 56 सेकंड का वीडियो संदेश जारी कर पेपर लीक को गंभीर मुद्दा बताया था।
अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है, बल्कि यह लाखों छात्रों और उनके परिवारों के लिए बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई महीनों में सरकार ने इस मामले में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। दोषियों को गिरफ्तार किया गया है और वे जेल में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की प्राथमिकता छात्रों का शैक्षणिक वर्ष बचाना थी, इसलिए कम समय में 22 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा दोबारा आयोजित कराई गई।
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार केवल दोषियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि दोषियों को जल्द सजा मिले और परीक्षा प्रणाली में लोगों का भरोसा मजबूत हो।
गौरतलब है कि NEET-UG पेपर लीक मामले के सामने आने के बाद NTA की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठे थे। इसके बाद सरकार ने एजेंसी में सुधार, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और परीक्षा संचालन को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए कई कदम उठाने की घोषणा की थी। 47 अधिकारियों की बर्खास्तगी को इसी व्यापक सुधार अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। आने वाले दिनों में NTA में और भी प्रशासनिक एवं तकनीकी बदलाव किए जाने की संभावना जताई जा रही है।