बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात की तीन विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों के नतीजे घोषित हो गए हैं। बिहार की सबसे चर्चित बांकीपुर सीट पर जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बड़ी जीत दर्ज कर राज्य की राजनीति में नया संदेश दिया है। वहीं, मध्य प्रदेश की दतिया सीट कांग्रेस के खाते में गई, जबकि गुजरात की मांजलपुर सीट पर भाजपा ने अपना कब्जा बरकरार रखा।
बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने भाजपा प्रत्याशी नीरज कुमार को 19,324 वोटों के अंतर से हराया। प्रशांत किशोर को 64,151 वोट मिले, जो कुल मतों का 49.23 प्रतिशत है। दूसरी ओर, भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार को 44,827 वोट (34.40 प्रतिशत) प्राप्त हुए। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की उम्मीदवार रेखा कुमारी 14,273 वोट (10.95 प्रतिशत) के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।
बांकीपुर सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का राजनीतिक गढ़ मानी जाती रही है। नितिन नवीन यहां से लगातार पांच बार विधायक चुने गए थे। उनके राज्यसभा सदस्य बनने के बाद यह सीट खाली हुई, जिसके कारण उपचुनाव कराया गया। ऐसे में इस सीट पर प्रशांत किशोर की जीत को राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चुनाव परिणामों के आंकड़े भी प्रशांत किशोर की मजबूत स्थिति को दर्शाते हैं। उन्हें अकेले 64,151 वोट मिले, जबकि भाजपा और राजद के उम्मीदवारों को मिलाकर 59,100 वोट प्राप्त हुए। यानी दोनों प्रमुख दलों के संयुक्त मत भी प्रशांत किशोर के वोटों से 5,051 कम रहे। चुनाव में कुल 1,30,313 मत पड़े, जिनमें लगभग हर दूसरा मतदाता प्रशांत किशोर के पक्ष में नजर आया। NOTA को 646 वोट (0.50 प्रतिशत) मिले, जबकि शीर्ष तीन उम्मीदवारों के बाद कोई भी प्रत्याशी 1,000 वोट का आंकड़ा नहीं छू सका।
मतगणना के दौरान चुनाव आयोग की वेबसाइट को लेकर भी भ्रम की स्थिति बनी रही। सुबह से वेबसाइट पर 31 राउंड की गिनती दिखाई जा रही थी। इसके बाद अचानक 32 और फिर 36 राउंड का अपडेट दिखा, जबकि बाद में फिर 32 राउंड की काउंटिंग प्रदर्शित की गई। इस तकनीकी गड़बड़ी को लेकर कई राजनीतिक दलों और समर्थकों ने सवाल भी उठाए।
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को 6,016 वोटों से हराया। इस सीट पर भाजपा ने पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया था। चुनाव परिणाम भाजपा के लिए इसलिए भी झटका माना जा रहा है क्योंकि आशुतोष तिवारी नरोत्तम मिश्रा के अपने पोलिंग बूथ पर भी बढ़त हासिल नहीं कर सके।
वहीं गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट पर भाजपा ने एक बार फिर अपना मजबूत प्रदर्शन दोहराया। भाजपा उम्मीदवार सतेन्द्रभाई (सतीश) पटेल ने कांग्रेस के भिखाभाई रबारी को 30,630 वोटों के बड़े अंतर से हराया। इस जीत के साथ भाजपा ने राज्य में अपनी संगठनात्मक मजबूती और जनाधार कायम रखा।
तीनों सीटों पर 30 जुलाई को मतदान हुआ था। उपचुनाव के नतीजों ने अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग राजनीतिक संकेत दिए हैं। बिहार में प्रशांत किशोर की जीत को जन सुराज पार्टी के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जबकि मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने भाजपा से सीट छीनकर अपनी स्थिति मजबूत की है। दूसरी ओर, गुजरात में भाजपा ने अपनी परंपरागत बढ़त बरकरार रखते हुए विपक्ष को बड़ा झटका दिया है। इन परिणामों को आगामी विधानसभा चुनावों और क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।