नेजल पॉलिप्स नाक या साइनस के अंदर बनने वाली नरम और आमतौर पर गैर-कैंसरकारी गांठें होती हैं। ये छोटी होने पर आसानी से पता नहीं चलतीं, लेकिन आकार बढ़ने पर नाक का रास्ता रोक सकती हैं।
नाक और साइनस के अंदर म्यूकोसा नाम की एक पतली परत होती है। जब इसमें लंबे समय तक सूजन बनी रहती है, तो यह धीरे-धीरे फूलने लगती है। समय के साथ यही सूजी हुई परत नरम गांठों का रूप ले सकती है।
एलर्जी, अस्थमा, बार-बार होने वाले साइनस संक्रमण या नाक में लंबे समय तक रहने वाली सूजन इसके प्रमुख कारणों में शामिल हो सकते हैं। कुछ लोगों में एस्पिरिन जैसी दवाओं के प्रति संवेदनशीलता और आनुवंशिक कारण भी भूमिका निभा सकते हैं।
अगर नाक में पॉलिप्स विकसित हो रहे हैं, तो लंबे समय तक कई तरह की परेशानियां बनी रह सकती हैं। इनमें शामिल हैं—
लगातार नाक बंद रहना।
नाक से पानी बहना।
गले में बार-बार बलगम गिरना।
सूंघने और स्वाद की क्षमता कम होना।
सिरदर्द या चेहरे पर दबाव महसूस होना।
खर्राटे आना और मुंह से सांस लेना।
नाक से सांस लेने में परेशानी।
बार-बार साइनस संक्रमण होना।
कई मामलों में व्यक्ति को लंबे समय तक नाक बंद रहने की आदत हो जाती है और वह इसे सामान्य समस्या समझकर इलाज नहीं कराता। यही वजह है कि लगातार बने रहने वाले लक्षणों पर ध्यान देना जरूरी है।
नाक के अंदर लंबे समय तक रहने वाली सूजन नेजल पॉलिप्स की मुख्य वजह मानी जाती है। इसके पीछे कई स्थितियां हो सकती हैं—
अस्थमा
एलर्जी
पुराना साइनस संक्रमण
एस्पिरिन के प्रति संवेदनशीलता
आनुवंशिक कारण
यदि किसी व्यक्ति को अस्थमा या लगातार एलर्जी की समस्या है और साथ ही महीनों से नाक बंद रहती है, तो ENT विशेषज्ञ से जांच कराना बेहतर रहता है।
नाक की समस्या के लक्षणों को नियंत्रित करने के लिए डॉक्टर की सलाह से सलाइन नेजल रिंस यानी नमकीन पानी से नाक की सफाई मददगार हो सकती है। कमरे में उचित नमी बनाए रखना और एलर्जी पैदा करने वाले धूल, धुएं या अन्य ट्रिगर से बचना भी उपयोगी हो सकता है।
भाप लेने से कुछ लोगों को अस्थायी राहत मिल सकती है, लेकिन इससे नेजल पॉलिप्स का स्थायी इलाज नहीं होता। इसलिए लंबे समय से समस्या बनी हुई है तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।
नेजल पॉलिप्स का इलाज उनकी संख्या, आकार और लक्षणों की गंभीरता पर निर्भर करता है। ENT डॉक्टर सूजन कम करने और पॉलिप्स का आकार छोटा करने के लिए विशेष नेजल स्प्रे दे सकते हैं। यदि एलर्जी इसकी वजह है तो डॉक्टर उसके अनुसार दवाएं भी लिख सकते हैं।
जब दवाओं और स्प्रे से पर्याप्त राहत नहीं मिलती या पॉलिप्स इतने बड़े हो जाते हैं कि सांस लेने में गंभीर परेशानी होने लगती है, तो डॉक्टर एंडोस्कोपिक सर्जरी की सलाह दे सकते हैं। इस प्रक्रिया में नाक के रास्ते से पॉलिप्स को हटाया जाता है।
अगर नाक लगातार कई हफ्तों या महीनों से बंद है, सूंघने की क्षमता कम हो गई है, बार-बार साइनस संक्रमण हो रहा है या सांस लेने में लगातार परेशानी हो रही है, तो इसे सामान्य जुकाम मानकर टालना ठीक नहीं है। ऐसे लक्षणों में ENT विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी है, ताकि सही कारण पता चल सके और समय पर उपचार शुरू किया जा सके।