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आपके बेटे की ऑनलाइन गेमिंग की लत को कम करने के लिए बतौर पेरेंट्स आपको निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए:

सवाल पूछने के लिए धन्यवाद। डॉ. अमिता श्रृंगी, साइकोलॉजिस्ट, फैमिली एंड चाइल्ड काउंसलर, जयपुर द्वारा दी गई सलाह के आधार पर, आपके बेटे की ऑनलाइन गेमिंग की लत को कम करने के लिए बतौर पेरेंट्स आपको निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए:

सबसे पहले, खुद को दोषी मानना बंद करें:
आप अनजाने में बच्चे को गैजेट्स देते थे ताकि आप अपना काम कर सकें। उस समय आपको इसके दुष्परिणामों का पता नहीं था। अब समय दोष देने का नहीं, बल्कि 'डैमेज कंट्रोल' का है।

गेमिंग की लत के कारण:
किशोरावस्था में बच्चों का दिमाग तेजी से बदल रहा होता है, और उन्हें रोमांच व उपलब्धि की ज़रूरत महसूस होती है, जिसे ऑनलाइन गेम्स पूरा करते हैं। गेम्स को इस तरह डिज़ाइन किया जाता है कि हर मिनट कोई नया रिवॉर्ड, लेवल या चैलेंज मिले, जिससे बच्चे को बार-बार खेलने की इच्छा होती है। यदि घर में अकेलापन हो या बच्चे के पास समय बिताने के सीमित विकल्प हों, तो गेमिंग धीरे-धीरे लत बन जाती है।

ऑनलाइन गेमिंग एडिक्शन के बच्चे पर प्रभाव:
यह सिर्फ पढ़ाई को ही नहीं, बल्कि बच्चे की मेंटल और फिजिकल हेल्थ पर भी असर डालता है।

शारीरिक प्रभाव: ज्यादा स्क्रीन टाइम से आंखों पर दबाव, नींद की गुणवत्ता खराब होना, शारीरिक गतिविधि में कमी जिससे मोटापा हो सकता है, थकान और सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
मानसिक और व्यवहारिक प्रभाव: बच्चे के स्वभाव में चिड़चिड़ापन हो सकता है। गेम खेलने से रोकने पर गुस्सा या निराशा दिखा सकते हैं। फोकस कम होता है, जिसका असर पढ़ाई और व्यवहार पर पड़ता है।

गेम एडिक्शन कम करने के लिए क्या करें:
बच्चों को मोबाइल या गेम से पूरी तरह दूर करना सही नहीं है। लक्ष्य यह होना चाहिए कि उनका स्क्रीन टाइम संतुलित रहे।

1. समय दें: बच्चे को गेमिंग की लत से बचाने के लिए पेरेंट्स का समय देना सबसे ज़रूरी है।
2. धीरे-धीरे कम करें: अगर बच्चा रोज़ 5-6 घंटे गेम खेलता है, तो धीरे-धीरे इस समय को कम करें।
3. कनेक्शन बढ़ाएं: रोकने या डांटने की बजाय बच्चे के साथ अपना कनेक्शन बढ़ाएं।
4. वैकल्पिक खुशी दें: बच्चे को गेम में जो खुशी और उत्साह मिलता है, उसे अन्य विकल्पों से देने की कोशिश करें।
5. क्रिएटिव एक्टिविटीज़: बच्चे के साथ समय बिताएं और उसके साथ क्रिएटिव एक्टिविटीज़ करें।
6. आउटडोर एक्टिविटीज़: परिवार के साथ घूमना, खेलना, पिकनिक या आउटडोर एक्टिविटीज़ करना बच्चों को स्क्रीन से दूर रखने में मदद करता है।

याद रखें, अगर बच्चे को परिवार का साथ और मजेदार विकल्प मिलेंगे तो धीरे-धीरे वह गेम की लत से खुद-ब-खुद बाहर निकलेगा।