गहलोत ने कहा कि निगम चुनाव बेहद महत्वपूर्ण हैं। यदि जनता कांग्रेस को जीत दिलाकर बोर्ड बनाती है तो इसका संदेश भाजपा के आलाकमान तक जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे सरकार पर जनता के हित में काम करने और नई योजनाएं शुरू करने का दबाव बनेगा। गहलोत ने दावा किया कि राज्य सरकार के मौजूदा कार्यकाल के बचे हुए दो से ढाई साल में भी जनता के लिए कुछ काम हो सकेंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सबसे ज्यादा जोर कांग्रेस सरकार की चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना पर दिया। गहलोत ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय चिरंजीवी योजना के तहत 25 लाख रुपए तक के निशुल्क इलाज की सुविधा दी गई थी। उन्होंने दावा किया कि इस तरह की योजना दुनिया में कहीं नहीं थी।
गहलोत ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने इस योजना को बदलकर इलाज की सीमा पांच लाख रुपए तक कर दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने आम आदमी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की थी, लेकिन भाजपा सरकार ने इसे कमजोर कर दिया।
उन्होंने वृद्धावस्था पेंशन, शहरी रोजगार योजना, अन्नपूर्णा योजना और इंदिरा रसोई जैसी योजनाओं का भी जिक्र किया। गहलोत ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के समय शुरू की गई इन योजनाओं को भी भाजपा सरकार ने बंद कर दिया है।
गहलोत ने कहा कि प्रदेश की जनता भाजपा सरकार से त्रस्त हो चुकी है। उन्होंने निगम चुनाव को सरकार के कामकाज पर जनता की राय जानने का महत्वपूर्ण मौका बताया। उन्होंने मतदाताओं से कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान करने और नगर निगम में कांग्रेस का बोर्ड बनाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि चुनाव में जनता का मूड साफ दिखाई देता है। यदि भाजपा को चुनाव में हार मिलती है तो मुख्यमंत्री और मंत्री बैठकर यह चर्चा करने को मजबूर होंगे कि आखिर ऐसा क्यों हुआ। गहलोत के मुताबिक चुनावी परिणाम सरकार को अपनी नीतियों पर विचार करने और जनता का विश्वास जीतने के लिए काम करने का संदेश देंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल के दौरान जोधपुर में कराए गए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय शहर के विकास में काम की कमी नहीं आने दी गई। जोधपुर में कई शैक्षणिक संस्थान और विश्वविद्यालय विकसित हुए। उन्होंने दावा किया कि शहर में करीब 20 शिक्षण संस्थानों और विश्वविद्यालयों के निर्माण की दिशा में काम हुआ और कई भवन तैयार हो चुके हैं, लेकिन भाजपा सरकार उन्हें शुरू नहीं कर रही है।
गहलोत ने शहर की सड़कों की खराब स्थिति को लेकर भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जोधपुर की कई सड़कों पर गड्ढे हैं और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने हाल में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के जोधपुर दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की गाड़ी भी इन खराब सड़कों पर हिचकोले खाती नजर आई थी।
जोधपुर के पेयजल संकट को लेकर भी गहलोत ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि 15 से 20 साल की मेहनत के बाद जोधपुर तक नहर का पानी पहुंचाने की व्यवस्था तैयार हुई। इसके बावजूद गर्मी के दौरान शहर के लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ा।
गहलोत ने कहा कि नहर और कायलाना में पानी पर्याप्त मात्रा में होने के बावजूद उसका सही तरीके से वितरण नहीं हो पा रहा है। उन्होंने पेयजल व्यवस्था को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोगों तक पानी पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी है।
गहलोत ने सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों को लेकर भी भाजपा सरकार पर हमला किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने शहरों के साथ-साथ गांवों में भी सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूल शुरू किए थे। इससे ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा हासिल करने का अवसर मिला।
उन्होंने दावा किया कि इन स्कूलों में पढ़ने वाले गांव के बच्चे अंग्रेजी में बोलने लगे थे, लेकिन भाजपा सरकार ने इन स्कूलों को बंद कर दिया। गहलोत ने इसे शिक्षा के क्षेत्र में पीछे जाने वाला कदम बताया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार और हाल के आंदोलनों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले किसी मंत्री पर आरोप लगने पर इस्तीफा देने की परंपरा थी, लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि जेन-जी के आंदोलन ने सरकार को झुकने के लिए मजबूर किया।
जनसभा में पूर्व विधायक मनीषा पंवार, महेंद्र सिंह बिश्नोई, किशनाराम बिश्नोई, वरिष्ठ नेता राजेंद्र सिंह सोलंकी, करण सिंह उचियारड़ा, वैभव गहलोत, रमेश बोराणा, कीर्ति सिंह, कुश गहलोत, बद्रीराम जाखड़, कुंती परिहार, सुपारस भंडारी और शहजाद खां समेत कांग्रेस के कई नेता मौजूद रहे।
गहलोत ने अंत में जनता से हाथ जोड़कर कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि नगर निगम चुनाव में कांग्रेस का बोर्ड बनाना जोधपुर के विकास और जनता के हित में जरूरी है। अब चुनावी नतीजे यह तय करेंगे कि जोधपुर की जनता ने गहलोत की अपील और भाजपा सरकार के खिलाफ उनके आरोपों को कितना समर्थन दिया।