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जयपुर नगर निगम चुनाव में इस बार मतदाताओं ने रिकॉर्ड मतदान किया।

जयपुर: जयपुर नगर निगम चुनाव में इस बार मतदाताओं ने रिकॉर्ड मतदान किया। नगर निगम क्षेत्र में कुल 63.55 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। मतगणना के बाद चुनाव परिणामों के आंकड़ों का विश्लेषण करने पर एक और दिलचस्प तस्वीर सामने आई है। जयपुर नगर निगम क्षेत्र में 27 हजार 99 मतदाताओं ने NOTA यानी ‘इनमें से कोई नहीं’ का विकल्प चुना।

यह आंकड़ा इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि पिछले नगर निगम चुनाव के मुकाबले इस बार NOTA को मिले वोटों में बड़ा इजाफा हुआ है। पिछली बार ग्रेटर और हेरिटेज नगर निगम के चुनावों को मिलाकर NOTA को 10 हजार 954 वोट मिले थे। इस बार यह संख्या बढ़कर 27 हजार 99 हो गई।

यानी पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार करीब ढाई गुना से ज्यादा NOTA वोट दर्ज हुए हैं। चुनाव परिणामों के आंकड़ों में पांच ऐसे वार्ड भी सामने आए हैं, जहां NOTA को मिले वोट संबंधित प्रत्याशियों के जीत-हार के अंतर से ज्यादा रहे।

पिछली बार 10,954, इस बार 27,099 NOTA वोट

पिछले नगर निगम चुनाव में ग्रेटर नगर निगम में 6,764 और हेरिटेज नगर निगम में 4,190 मतदाताओं ने NOTA का विकल्प चुना था। दोनों को मिलाकर यह संख्या 10,954 थी।

इस बार जयपुर नगर निगम के चुनाव में NOTA को 27,099 वोट मिले। इस तरह NOTA के आंकड़े में करीब 16 हजार से ज्यादा वोटों की बढ़ोतरी हुई है।

NOTA का विकल्प उन मतदाताओं के लिए होता है जो चुनाव मैदान में मौजूद किसी भी प्रत्याशी को चुनना नहीं चाहते। ऐसे मतदाता किसी उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करने के बजाय इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में NOTA का विकल्प चुन सकते हैं।

वार्ड 20: सिर्फ 26 वोट का अंतर, NOTA को 241 वोट

जयपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 20 में कांग्रेस की मोनिका और भाजपा की उदिता सिंह के बीच बेहद करीबी मुकाबला रहा। भाजपा की उदिता सिंह को 4,684 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी मोनिका को 4,658 वोट मिले।

इस तरह दोनों के बीच जीत का अंतर महज 26 वोट रहा। वहीं, इस वार्ड में 241 मतदाताओं ने NOTA का विकल्प चुना।

यानी NOTA के वोट जीत के अंतर से करीब नौ गुना ज्यादा रहे। हालांकि, यह कहना तकनीकी रूप से सही नहीं होगा कि NOTA ने किसी प्रत्याशी के वोट काटकर उन्हें हराया, क्योंकि NOTA मत किसी उम्मीदवार को ट्रांसफर नहीं होते। आंकड़ों की दृष्टि से इतना जरूर कहा जा सकता है कि इस वार्ड में NOTA वोट जीत-हार के अंतर से काफी अधिक थे।

वार्ड 52: भाजपा प्रत्याशी 63 वोट से हारे

वार्ड नंबर 52 में भी मुकाबला नजदीकी रहा। भाजपा के पूर्णचंद को 5,836 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी हनुमान सैनी को 5,899 वोट प्राप्त हुए।

कांग्रेस प्रत्याशी ने 63 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। वहीं, इस वार्ड में 419 वोट NOTA के खाते में गए।

यहां भी NOTA के वोट जीत के अंतर से कई गुना ज्यादा रहे। ऐसे में परिणामों के विश्लेषण में यह वार्ड भी खास तौर पर चर्चा में है।

वार्ड 101: 76 वोट का अंतर, NOTA को 143 वोट

जयपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 101 में कांग्रेस प्रत्याशी दुर्गेश शर्मा और भाजपा के रवि शंकर के बीच मुकाबला हुआ।

रवि शंकर को 3,707 वोट मिले, जबकि दुर्गेश शर्मा को 3,631 वोट प्राप्त हुए। भाजपा प्रत्याशी ने यह मुकाबला 76 वोटों के अंतर से जीता।

इस वार्ड में 143 मतदाताओं ने NOTA दबाया। यानी यहां भी NOTA वोट जीत-हार के अंतर से अधिक रहे।

वार्ड 124 में सिर्फ 5 वोट से हार-जीत

इन सभी वार्डों में सबसे करीबी मुकाबला वार्ड नंबर 124 में देखने को मिला। यहां भाजपा की मनभरी देवी को 4,272 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी कांता देवी को 4,277 वोट प्राप्त हुए।

कांता देवी ने महज 5 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। वहीं, इस वार्ड में 148 वोट NOTA के खाते में गए।

इस आंकड़े ने वार्ड 124 के परिणाम को खास बना दिया है। जीत का अंतर जहां सिर्फ पांच वोट रहा, वहीं NOTA को इससे कई गुना ज्यादा मत मिले।

वार्ड 127: 52 वोट का अंतर, NOTA को 135 वो

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