Politics

अटल–मालवीय जयंती व तुलसी पूजन दिवस पर राष्ट्रवादी स्वर : जय हिंद सैल्यूट तिरंगा के कवि सम्मेलन में गूंजा राष्ट्रीय चिंतन

महेश नगर। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की जन्म जयंती, महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी की जयंती एवं तुलसी पूजन दिवस के पावन अवसर पर जय हिंद सैल्यूट तिरंगा राष्ट्रवादी संगठन द्वारा ब्रज वाटिका रिजॉर्ट, महेश नगर में भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्र, संस्कृति और सेवा भाव से ओत-प्रोत वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कर्नल देव आनंद गुर्जर रहे, जबकि अध्यक्षता आदरणीय नटवरलाल शर्मा (पूर्व पुलिस अधिकारी) ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में आदरणीय जगत नारायण सक्सेना (सेवा भारती) उपस्थित रहे। मंच संचालन सुप्रसिद्ध रंगकर्मी एवं कवि आदरणीय राजेश आचार्य ने किया।

कवि सम्मेलन में राष्ट्रीय कवि उमेश उत्साही, कवि भगवान सहाय पारीक, गीतकार गोविंद भारद्वाज, कवि रमेश पांचाल, कवि सतपाल सोनी, ब्रजभाषा के कवि आदरणीय नित्यानंद शर्मा, श्रीमती पूनम तिलक एवं श्रीमती सुधा शर्मा ने अपनी सशक्त काव्य प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सभी कवियों ने अटल जी और मालवीय जी के जीवन-मूल्यों, राष्ट्रसेवा, शिक्षा, संस्कृति तथा तुलसी पूजन दिवस के महत्व को प्रभावी ढंग से रेखांकित किया। मुख्य अतिथि कर्नल देव आनंद गुर्जर ने अपने संबोधन में अटल बिहारी वाजपेई जी के दूरदर्शी नेतृत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा की सुदृढ़ नींव अटल जी के कालखंड में रखी गई। उन्होंने 1998 के परमाणु परीक्षणों का उल्लेख करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद अटल जी ने देश को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना सिखाया।

इसी रणनीतिक विरासत का विस्तार आज भारत की रक्षा क्षमताओं—मिसाइल प्रणालियों, नेविगेशन सिस्टम, आधुनिक हथियारों और वायुशक्ति—में स्पष्ट दिखाई देता है। उन्होंने वर्तमान परिप्रेक्ष्य में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा और स्वावलंबन की दिशा में उठाए गए कदमों को उल्लेखनीय बताया। अध्यक्षीय संबोधन में आदरणीय नटवरलाल शर्मा ने सेवा भावना के साथ राष्ट्र निर्माण में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया और जय हिंद सैल्यूट तिरंगा संगठन के राष्ट्रवादी विचारों व सामाजिक सेवा प्रयासों की प्रशंसा की। कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों एवं कवियों का अभिनंदन आदरणीय प्रदीप खुराना (वरिष्ठ उपाध्याय) एवं पूरी टीम द्वारा किया गया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज कुलदीप सिंह ने आगंतुक महानुभावों और कवियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे राष्ट्रवादी कार्यक्रमों में सहभागिता का आह्वान किया।

तुलसी पूजन दिवस के संदर्भ में कर्नल गुर्जर ने भारतीय संस्कृति की पुनर्स्थापना की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि 25 दिसंबर को तुलसी पूजन के माध्यम से भारत अपनी सनातन परंपराओं का सम्मान करता है—वे परंपराएं जिन्हें कुछ दशकों तक उपेक्षित किया गया। उन्होंने देशवासियों को तुलसी पूजन दिवस की शुभकामनाएं दीं। अंत में शांति मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।