Politics

CJP नेताओं की गिरफ्तारी पर ममता बनर्जी का विरोध: बोलीं- पूरी पीढ़ी को डराने और आवाज दबाने की कोशिश; खरगे ने भी BJP पर साधा निशाना

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की गिरफ्तारी की निंदा की है। बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने गिरफ्तारी को अस्वीकार्य बताया और आरोप लगाया कि इसके जरिए एक पूरी पीढ़ी को डराने तथा उसकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।

ममता बनर्जी ने लोगों से देश के लोकतंत्र और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए कई पीढ़ियों ने संघर्ष किया है और इस लड़ाई को आगे भी जारी रखना जरूरी है।

ममता बोलीं- आशुतोष और सौरव की गिरफ्तारी अस्वीकार्य

CJP कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि आशुतोष रांका और सौरव दास की गिरफ्तारी स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह समय सभी लोगों के एकजुट होकर लोकतंत्र की रक्षा के लिए खड़े होने का है।

ममता ने अपने संदेश में कहा कि उन्होंने और उनसे पहले की कई पीढ़ियों ने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए मजबूती से संघर्ष किया है। इसलिए इस संघर्ष को जारी रखना होगा। उन्होंने नागरिकों से अपने संवैधानिक अधिकारों के सामने समर्पण नहीं करने की अपील भी की।

पूर्व मुख्यमंत्री ने देश के युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए सभी को साथ आना चाहिए। उन्होंने युवाओं को भरोसा दिलाया कि वह उनके साथ खड़ी हैं।

'बंगाल में 14 हजार लोग पुलिस और राजनीतिक अत्याचार झेल रहे'

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि देश के कई हिस्सों में लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में फिलहाल 14 हजार लोग पुलिस और राजनीतिक अत्याचारों का सामना कर रहे हैं।

TMC प्रमुख ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जो सरकार 'जनता की, जनता के द्वारा और जनता के लिए' के सिद्धांत को भूल जाती है, उसका अंत करीब है।

उन्होंने देश के लाखों युवाओं से अपील करते हुए कहा कि उनकी दीदी आज भी उनके साथ है और आगे भी साथ रहेगी। ममता ने लोगों से एकजुट होकर देश और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए खड़े होने का आह्वान किया।

SIR और प्रदर्शन पर प्रतिबंधों को लेकर खरगे का BJP पर हमला

इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शनों को लेकर लगाए गए प्रतिबंधों के मुद्दे पर सरकार के रवैये पर सवाल उठाए।

खरगे ने BJP पर सत्तावादी रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि सरकार से सवाल पूछने वालों को जेल भेजा जा रहा है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जा रही है।

कांग्रेस अध्यक्ष की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब SIR के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर सियासी बयानबाजी तेज

CJP कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद ममता बनर्जी और मल्लिकार्जुन खरगे की प्रतिक्रियाओं ने इस मुद्दे को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। विपक्षी नेताओं ने गिरफ्तारी, प्रदर्शन पर प्रतिबंध और पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए हैं।

ममता बनर्जी ने लोकतंत्र और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुटता का आह्वान किया, जबकि खरगे ने सरकार पर सवाल उठाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का आरोप लगाया। इन बयानों के बीच गिरफ्तारी और प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम पर आगे की जानकारी का इंतजार है।