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LPG संकट पर लोकसभा में विपक्ष ने नारेबाजी की

संसद के बजट सत्र के दूसरे फेज के 5वें दिन, शुक्रवार को भी विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसदों ने 8 निलंबित सांसदों की वापसी की मांग की। इस पर स्पीकर ओम बिरला ने कहा- सदन की मेजों पर चढ़ोगे तो यही एक्शन होगा।

लोकसभा में हंगामे का कारण पहले 12 बजे तक कार्यवाही स्थगित कर दी गई। इसके बाद दूसरी बार 2 बजे तक फिर से कार्यवाही स्थगित की गई। 2 बजे शुरू हुई कार्यवाही भी केवल 1 घंटा चली। इसके बाद लोकसभा को 16 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इस दौरान विपक्ष ने पीएम मोदी के खिलाफ नारेबाजी की।

लोकसभा में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि विदेशों में हो रहे घटनाक्रम के कारण हमारे देश में कुछ मुश्किलें खड़ी हो रही हैं। सरकार जरूरी फंड मुहैया कराने और पूरी तरह तैयार रहने के लिए कदम उठा रही है। ऐसे समय में विपक्ष को सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होना चाहिए, लेकिन वह गैर-जिम्मेदाराना हरकत कर रहा है।

सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी दलों ने संसद परिसर में LPG संकट के खिलाफ प्रदर्शन किया। इधर, PTI के सूत्रों ने बताया कि TMC ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के खिलाफ दोनों सदनों में प्रस्ताव दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ₹1 लाख करोड़ का आर्थिक स्थिरीकरण कोष (Economic Stabilization Fund) भारत को वित्तीय गुंजाइश देगा, जिससे वह वैश्विक चुनौतियों का सामना कर सके। उन्होंने कहा कि यह कोष एक 'बफर' (सुरक्षा कवच) के रूप में काम करेगा, जो पश्चिम एशिया जैसी मौजूदा अप्रत्याशित वैश्विक चुनौतियों से पैदा होने वाले झटकों को झेलने में मदद करेगा।

 लोकसभा में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा- पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को देखते हुए सभी राजनीतिक दलों को राष्ट्रीय हित में एक साथ आना चाहिए। इस तरह से बात करनी चाहिए, जिससे जनता को भरोसा मिले और उनमें उम्मीद जगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं कि इस देश के नागरिकों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। हालांकि, विपक्ष का मानना ​​है कि सदन के वेल में घुसकर नारे लगाना ही उनकी एकमात्र भूमिका है। यह देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है और एक खेदजनक स्थिति को दर्शाता है। मुझे नहीं पता कि और क्या कहूं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा- विदेशों में हो रहे घटनाक्रमों के कारण हमारे देश के सामने कुछ मुश्किलें खड़ी हो रही हैं। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इन चुनौतियों का सामना करने, जरूरी फंड मुहैया कराने और पूरी तरह तैयार रहने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। ऐसे समय में विपक्ष को सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होना चाहिए और आम लोगों को भरोसा दिलाना चाहिए।

इसके बजाय वे ऐसे गैर-ज़िम्मेदाराना कदम उठाकर जनता को गुमराह कर रहे हैं, जिसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा- यह विडंबना है कि जब मैं बता रही हूं कि सरकार सप्लाई चेन में रुकावटों और LPG से जुड़ी समस्याओं समेत किसी भी अप्रत्याशित घटना का सामना करने के लिए कैसे तैयारी कर रही है, तब भी वे (विपक्ष) मेरा जवाब सुनने को तैयार नहीं हैं। वे अपना ही एजेंडा चलाना चाहते हैं। यही है हमारा विपक्ष। राज्यसभा सदस्य एच.डी. देवेगौड़ा ने कहा- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बड़ा टकराव चल रहा है। घबराने की कोई बात नहीं है, थोड़ी-बहुत कमी जरूर है, लेकिन जिस तरह विपक्ष आरोप लगा रहा है कि सरकार इन सब बातों पर सफ़ाई नहीं दे रही है, सरकार ने इस पर पूरी तरह से स्थिति साफ कर दी है।

विपक्ष हर मुद्दे पर सरकार की कमियां निकालना चाहता है, चाहे उन आरोपों में कोई दम हो या न हो। साप सांसद इकरा हसन ने कहा- अगर सरकार ने ध्यान दिया होता, तो कमर्शियल सेक्टर पर इतना बुरा असर नहीं पड़ता। कई राज्यों में हालात इतने खराब हैं कि गैस सिलेंडर बिल्कुल भी नहीं मिल रहे हैं। जहां एक तरफ सरकार का कहना है कि घबराने की कोई बात नहीं है, वहीं हमारा मानना ​​है कि जिस तरह से सरकार ने इस मामले को संभाला है, उसे देखकर यह सवाल उठता है कि हमारी विदेश नीति इस समय किस दबाव में काम कर रही है। हमारे ईरान के साथ पहले बहुत अच्छे रिश्ते थे। भारत को ईरान के साथ खड़ा होना चाहिए था।