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फरवरी के अंत तक भारत-अमेरिका ट्रेड डील फाइनल, मार्च में हस्ताक्षर और अप्रैल से लागू

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दुनियाभर के देशों पर लगाए गए टैरिफ को रद्द कर दिया है। इसके कुछ घंटे बाद ही ट्रम्प ने फिर से 10% टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया।

ऐसे में भारत पर लगे टैरिफ को लेकर यह भी सवाल उठ रहा है कि भारत को 18% टैरिफ देना होगा या 10%। इसकी दो वजहें हैं-

  • राष्ट्रपति ट्रम्प ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि भारत के साथ ट्रेड डील पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह पहले की तरह आगे बढ़ेगी।
  • BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया ब्रिटेन, भारत और यूरोपीय संघ सहित अमेरिका के साथ व्यापार समझौते करने वाले देशों को अब धारा 122 के तहत 10% वैश्विक टैरिफ का ही सामना करना पड़ेगा, न कि उस टैरिफ दर का जिस पर उन्होंने पहले बातचीत की थी।

BBC की रिपोर्ट सही मानें तो भारत पर कुल टैरिफ 18% घटकर 10% रह जाएगा, जबकि ट्रम्प का बयान 18% टैरिफ की ओर इशारा कर रहा है।

ट्रेड डील फरवरी के अंत तक फाइनल होगी

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले शुक्रवार मीडिया से बात की थी। तब उन्होंने बताया था कि अमेरिका के साथ 'अंतरिम व्यापार समझौता' फरवरी के अंत तक फाइनल हो जाएगा। मार्च में इस पर हस्ताक्षर होंगे, वहीं अप्रैल से ये समझौता पूरी तरह लागू हो जाएगा।

इसके साथ ही आने वाले कुछ महीनों में भारत दुनिया के बड़े देशों साथ व्यापारिक समझौतों पर अंतिम मुहर लगाएगा। अप्रैल में ब्रिटेन और ओमान के साथ भी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट शुरू होने की उम्मीद है।

23 फरवरी को फाइनल होगा कानूनी ड्राफ्ट

23 फरवरी से भारत और अमेरिका के अधिकारी अमेरिका में तीन दिनों की अहम बैठक करेंगे। इस बैठक का मकसद 7 फरवरी को जारी 'जॉइंट स्टेटमेंट' के आधार पर कानूनी ड्राफ्ट तैयार करना है। वाणिज्य मंत्रालय के चीफ नेगोशिएटर दर्पण जैन भारतीय डेलिगेशन का नेतृत्व करेंगे।

उम्मीद है कि टैक्स में 25% से 18% की कमी का आधिकारिक आदेश इसी हफ्ते या अगले हफ्ते तक आ जाएगा। इससे भारत के कपड़ा, चमड़ा और जेम्स-ज्वैलरी जैसे सेक्टर को सीधा फायदा होगा।