Politics

भारत ने पहली बार खामेनेई की मौत पर शोक जताया

अमेरिका ने बुधवार को भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत IRIS देना को श्रीलंका के पास हमला कर डुबा दिया था। श्रीलंका की नौसेना के अनुसार अब तक 87 शव बरामद किए गए हैं, जबकि 32 लोगों को बचा लिया गया है। रॉयटर्स के मुताबिक करीब 60 लोग अभी भी लापता हैं और उनकी तलाश जारी है।

यह ईरानी जहाज 18 फरवरी को भारत के विशाखापट्टनम में आयोजित 2026 इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) और MILAN-2026 मल्टीलेटरल नेवल एक्सरसाइज में हिस्सा लेने आया था। 25 फरवरी को यह भारत से रवाना हुआ था।

जब इस पर हमला हुआ तब यह जहाज दक्षिणी श्रीलंका के गाले शहर से करीब 40 समुद्री मील (करीब 75 किलोमीटर) दूर था। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार है जब अमेरिकी नौसेना की पनडुब्बी से दागे गए टॉरपीडो ने किसी जहाज को युद्ध में निशाना बनाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका अब तक ईरान के 20 वॉरशिप को समुद्र में डुबो चुका है।

भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने कहा है कि फिलहाल अमेरिका और इजराइल के साथ बातचीत की कोई स्थिति नहीं है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन संघर्ष की शुरुआत अमेरिका और इजराइल ने की है।

होर्मुज स्ट्रेट को लेकर पूछे गए सवाल पर फतहली ने कहा कि इस मामले में फिलहाल कोई नई जानकारी नहीं है।उन्होंने कहा कि ईरान ने हमेशा ईमानदारी दिखाई है और उसकी क्षमता और ताकत से सभी परिचित हैं।

रूस ने कहा है कि ईरान ने चल रहे युद्ध के दौरान उससे हथियार भेजने का कोई अनुरोध नहीं किया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि इस मामले में ईरान की ओर से कोई मांग नहीं आई है।

पेस्कोव ने पत्रकारों से कहा कि ईरान ने रूस से हथियार या किसी अन्य सैन्य सहायता के लिए कोई अनुरोध नहीं किया है और इस मुद्दे पर रूस की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

पिछले साल ईरान और रूस ने 20 साल की रणनीतिक साझेदारी का समझौता किया था। रूस ईरान के बुशेहर परमाणु संयंत्र में दो नई परमाणु इकाइयों का निर्माण भी कर रहा है। वहीं ईरान ने यूक्रेन युद्ध में इस्तेमाल के लिए रूस को शाहेद ड्रोन उपलब्ध कराए थे।