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“ED ने बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव को गिरफ्तार किया”

बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज जयपुर स्थित ईडी कोर्ट में पेश किया, जहाँ ईडी अधिकारियों ने उनका रिमांड मांगा है, जिसका उनके वकीलों ने विरोध किया. जज खगेंद्र कुमार शर्मा ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद लंच के बाद मामले में आगे सुनवाई करने का फैसला किया.

बलजीत यादव ने कोर्ट लाए जाने पर दावा किया कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है. उन्होंने कहा कि बहरोड़ विधायक जसवंत यादव अपने बेटे को विधायक बनाना चाहते हैं और खुद स्टेज-4 कैंसर से जूझ रहे हैं, जिस कारण उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है.

पूर्व विधायक पर स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (MLA LAD Fund) से 3 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि के दुरुपयोग और गबन का आरोप है. ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत यह कार्रवाई की है. ईडी ने बलजीत यादव को मंगलवार रात अलवर के शाहजहांपुर टोल प्लाजा से हिरासत में लिया था और जयपुर में पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया था.

कोर्ट में, बलजीत यादव के वकीलों ने तर्क दिया कि जिस फर्म के पास पैसे आने की बात कही जा रही है, उस व्यक्ति से बलजीत यादव का पहले से संपत्ति विवाद है. उन्होंने यह भी कहा कि टेंडर अखबार में पंचायत समिति की ओर से प्रकाशित करवाए गए थे और इसमें बलजीत का कोई लेना-देना नहीं है, इसलिए ईडी के दावे गलत हैं. वकीलों ने रिमांड का विरोध करते हुए कहा कि उन्होंने ईडी को हर जवाब में लिखा था कि पूछताछ के लिए बुलाने पर वे आएंगे, इसके बावजूद बलजीत यादव की गिरफ्तारी अवैध है.

वहीं, ईडी के वकीलों ने आरोप लगाया कि बलजीत ने खुद फर्जी फर्म बनवाकर फंड डायवर्ट किया है और मामले में आगे पूछताछ के लिए 6 दिन का रिमांड मांगा है.