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सीएम भजनलाल शर्मा ने मनरेगा की खामियों को खत्म कर नया ग्रामीण रोजगार कानून लागू किया

जयपुर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि “विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम 2025” मनरेगा की विफलताओं को दूर करेगा। उन्होंने कहा कि नया कानून केवल मजदूरी तक सीमित नहीं है, बल्कि गांवों के समग्र विकास, जल सुरक्षा, बुनियादी ढांचा और आजीविका अवसंरचना से जोड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अब रोजगार की कानूनी गारंटी 125 दिन, साप्ताहिक मजदूरी भुगतान, डिजिटल निगरानी, जियो टैगिंग, बायोमेट्रिक उपस्थिति और हर छह माह में सामाजिक ऑडिट अनिवार्य होगा। प्रशासनिक व्यय सीमा 9% कर स्टाफिंग और तकनीकी क्षमता को मजबूत किया जाएगा।

भजनलाल शर्मा ने कहा कि यह कानून ग्रामीण रोजगार नीति को स्पष्ट विकास रोडमैप देगा और राजस्थान को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाएगा।

उन्होंने कहा कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति, जियो टैगिंग, लाइव डैशबोर्ड, डिजिटल निगरानी और एआई आधारित टूल्स का उपयोग किया जाएगा. हर छह माह में अनिवार्य सामाजिक ऑडिट होगा. शिकायतों के निस्तारण के लिए निश्चित समय सीमा वाली बहुस्तरीय डिजिटल प्रणाली और जिला लोकपाल की व्यवस्था की गई है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक रूप से अनिवार्य होगा और दो सप्ताह से अधिक की देरी होने पर स्वतः मुआवजा मिलेगा. योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए प्रशासनिक व्यय की सीमा छह प्रतिशत से बढ़ाकर नौ प्रतिशत की गई है, जिससे स्टाफिंग, प्रशिक्षण और तकनीकी क्षमता को मजबूत किया जा सकेगा.