Politics

हनुमान बेनीवाल ने बच्चियों से निकलवाई लॉटरी, ऐसे सुलझाया नागौर में टिकट का पेंच; दोनों दावेदारों ने एक साथ भरा नामांकन

नागौर। राजस्थान में पंचायती राज चुनाव के बीच राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल का एक अनूठा अंदाज सामने आया है। नागौर जिला परिषद के वार्ड नंबर 32 में टिकट को लेकर दो पुराने कार्यकर्ताओं के बीच दावेदारी सामने आने पर बेनीवाल ने लॉटरी के जरिए फैसला करने का तरीका अपनाया। खास बात यह रही कि दोनों दावेदारों ने फैसले को स्वीकार करते हुए आपसी एकजुटता दिखाई और साथ मिलकर नामांकन दाखिल किया।

टिकट वितरण को लेकर राजनीतिक दलों में अक्सर खींचतान और नाराजगी देखने को मिलती है। ऐसे में वार्ड 32 में दो कार्यकर्ताओं की दावेदारी पार्टी नेतृत्व के लिए चुनौती बन गई थी। दोनों ही कार्यकर्ता पार्टी की स्थापना के समय से संगठन से जुड़े बताए जा रहे हैं। किसी एक के पक्ष में फैसला लेने पर दूसरे की नाराजगी की आशंका थी।

दो पुराने कार्यकर्ताओं के बीच फंसा टिकट का मामला

पंचायती राज चुनाव को लेकर नागौर में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। जिला परिषद के वार्ड नंबर 32 में आरएलपी के दो कार्यकर्ताओं ने टिकट के लिए दावेदारी पेश की। दोनों लंबे समय से पार्टी संगठन के साथ जुड़े हुए थे और चुनाव लड़ना चाहते थे।

मामला जब पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचा, तो सांसद हनुमान बेनीवाल ने ऐसा तरीका अपनाया, जिससे किसी एक दावेदार के पक्ष में सीधे फैसला लेने के बजाय चयन की प्रक्रिया को लॉटरी के माध्यम से पूरा किया जा सके।

बच्चियों के हाथों से निकलवाई पर्ची

जानकारी के अनुसार, दोनों दावेदारों के नाम पर्चियों पर लिखे गए। इसके बाद वहां मौजूद छोटी बच्चियों के हाथों से लॉटरी निकलवाई गई। इस तरीके से टिकट को लेकर चल रहे असमंजस को दूर करने की कोशिश की गई।

इस घटनाक्रम की खास बात यह रही कि फैसला आने के बाद दोनों दावेदारों ने आपसी मतभेद को आगे नहीं बढ़ाया। दोनों ने फैसले को स्वीकार किया और साथ मिलकर नामांकन दाखिल किया। इससे कार्यकर्ताओं के बीच आपसी तालमेल और संगठन के प्रति एकजुटता का संदेश गया।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी में लॉटरी में किस दावेदार का नाम निकला और इसके बाद दोनों के संयुक्त नामांकन की प्रक्रिया किस रूप में पूरी हुई, इसका विस्तृत विवरण स्पष्ट नहीं है।

बेनीवाल ने सोशल मीडिया पर साझा किया संदेश

इस घटनाक्रम के बाद हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया पर इससे जुड़ी तस्वीरें और वीडियो साझा किए। उन्होंने संगठन के प्रति समर्पित कार्यकर्ताओं के सम्मान, पारदर्शिता, निष्पक्षता और आपसी भाईचारे को पार्टी की प्राथमिकता बताया।

बेनीवाल के इस तरीके की चर्चा इसलिए भी हो रही है, क्योंकि टिकट वितरण के दौरान कई बार राजनीतिक दलों को बगावत और असंतोष का सामना करना पड़ता है। वार्ड 32 में दोनों दावेदारों की ओर से फैसले को स्वीकार करना और साथ नामांकन दाखिल करना इस घटनाक्रम का प्रमुख पहलू रहा।

पंचायत चुनाव में संगठन की एकजुटता पर जोर

राजस्थान में पंचायती राज चुनाव के दौरान टिकट वितरण सभी राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण चरण है। स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं की दावेदारी और संगठन में उनके योगदान को लेकर कई जगह प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती है।

नागौर के वार्ड 32 का यह मामला इसी राजनीतिक माहौल के बीच सामने आया है। लॉटरी के जरिए फैसला करने और दोनों दावेदारों के साथ आने की घटना ने स्थानीय चुनावी चर्चा को नया विषय दे दिया है। अब वार्ड में चुनावी मुकाबले और आगे की प्रक्रिया पर नजर रहेगी।

दोनों नामांकन वाली बात सुधारेंदोहराव हटाकर खबर संक्षिप्त करेंसोशल मीडिया संदेश को सटीक बनाएं

Similer Posts