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फागुनिया साड़ी में दीया कुमारी ने पेश किया बजट, सदन में रंग और राजनीति दोनों चढ़े

राजस्थान की वित्त मंत्री दीया कुमारी ने इन पंक्तियों के साथ आज (बुधवार) बजट पेश करने की शुरुआत की। इस बार बजट की अटैची का रंग भी बदला हुआ था। दीया कुमारी लाल-सफेद 'फागुनिया' (बंधेज) साड़ी पहनकर सदन में पहुंचीं। उन्होंने फागुन महीने और राजस्थानी परंपरा से जुड़ाव को दिखाया।

इससे पहले 19 फरवरी 2025 को भी लाल-सफेद के फाग की चुनरी पहनकर पहुंची थीं। सदन के बाहर और अंदर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हंसी-ठिठोली और वार-पलटवार भी खूब चला।

सरकार समर्पण भाव के साथ काम कर रही

दीया कुमारी ने कवि सोहनलाल द्विवेदी की निरंतर कर्म कर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ने की पंक्तियों को पढ़ा। उन्होंने कहा-

चलो नई मिसाल हो, जलो नई मिसाल हो, बढ़ो नया कमाल हो, झुको नही, रूको नही, बढ़े चलो, बढ़े चलो ।

दीया कुमारी ने इस कविता के माध्यम से कहा कि सरकार समर्पण भाव के साथ काम करते हुए प्रदेश की अर्थव्यस्था को आगे लेकर जाएगी।

प्रजा के सुख में राजा का सुख प्रजासुखे सुखं राज्ञः प्रजानां च हिते हितम्। अर्थात राजा का सुख प्रजा के सुख में है और हित भी प्रजा के हित में है।

दीया कुमारी ने कहा- कम भोज कम बोझ अधिक भरोसा और तेज फैसला, इसी सिद्धांत पर हमारी डबल इंजन की सरकार काम कर रही है

मानसिक स्वास्थ्य...पर विधानसभा में लगे ठहाके दीया कुमारी ने हंसते हुए कहा-ये सभी के लिए, सबको सुनना चाहिए। मानसिक रोगों की शीघ्र पहचान पर परामर्श, उपचार पुनर्वास एवं रेफरल सेवाए उपलब्ध कराने के लिए जिला मुख्यालयों पर मेंटल हेल्थकेयर सेल की स्थापना की जाएगी। यह सुनते ही विधानसभा में ठहाके लगने लगे।